विशेष --- गलतियों पर ध्यान न देकर गीत की भावनाओं पर ध्यान दीजियेगा |यदि गीत पढ़ना चाहते हो तो यहाँ पढ़े .........
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न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे---,न ही किसी कविता के---,और न किसी कहानी या लेख को मै जानती---,बस जब भी और जो भी दिल मे आता है---,लिख देती हूँ "मेरे मन की"-----
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5 comments:
आनन्द आ गया
बहुत बढिया..जी..लगे रहिये....
वैसे रचना लिख भी दिया करिये..सबके पास सुनने की सुविधा नहीं है..ऐसा पता चला है.
बेहतरीन..हमने तो सुन लिया.
maza aa gaya ..................g8888888888
आज मैंने भी तुम्हे सुन लिया. अच्छा लगा - सुनीता
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