न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे---,न ही किसी कविता के---,और न किसी कहानी या लेख को मै जानती---,बस जब भी और जो भी दिल मे आता है---,लिख देती हूँ "मेरे मन की"-----
Wednesday, April 13, 2011
नवरात्रि पर्व ५- श्वेता कोकाश की कविता
नवरात्रि पर्व के पंचम दिवस पर "शरद कोकास" नामक ब्लॉग पर प्रकाशित कविता----
अनुवादक- शरद कोकास
6 comments:
बहुत खूबसूरत
खूबसूरत प्रस्तुति ! बधाई एवं शुभकामनायें
बहुत खूबसूरत
खूबसूरत प्रस्तुति ! बधाई एवं शुभकामनायें
पढ़ चुके हैं प्रेमपगी दो कवितायें, सुनने में और अच्छा लगा।
श्वेता कोकाश की कविता का वाचन बहुत बढ़िया रहा!
खूबसूरत प्रस्तुति ! बधाई एवं शुभकामनायें
सुंदर शब्द और स्वर... आभार
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