Tuesday, January 10, 2012

हर खुशी हो वहाँ तू जहाँ भी रहे

                                        पल्लवी और नेहा--------------एक गीत तुम्हारे लिये-------
अनुराग जी की मदद से ऑडियो तो हासिल कर लिया पर तंग आ गई इसका ऑडियो नहीं बजने को तैयार हुआ डिव शेअर मुझसे रूठा है आपको सुनाए तो सुन लेना --यहाँ --http://www.divshare.com/download/16542726-2d6
              
मगर ये उसे पसन्द आ गया शायद ---
(राजेन्द्र स्वर्णकार जी कि एक रचना)

 


और ये गीत तुम सबके लिये -----

                 

19 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

सबको ढेरों स्नेह..

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

शुभाशीष!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बढ़िया.

Rahul Singh said...

ढेरों ढेर हार्दिक शुभकामनाएं.

पद्म सिंह said...

बहुत बहुत शुभाशीष....

सदा said...

शुभकामनाओं सहित

संजय भास्कर said...

ढेरों शुभकामनाएं....!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

मेरी तरफ से सिर्फ चुप्पी!! मेरे शहर की बिटिया आ रही है तुम्हारे घर...!!
बच्चों को आशीष!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

वाह बहुत बढ़िया!शुभाशीष!
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

dheerendra said...

मेरी तरफ से भी बहुत२ स्नेह शुभकामनाए
welcom to new post --"काव्यान्जलि"--

Archana said...

आप सभी का आभार शुभकामनाओं के लिए..

उन्मुक्त said...

दोनो जोड़ों के लिये आने वाला समय शुभ हो और जीवन में ईश्वर उन्हें सुख और शान्ति दे।

Udan Tashtari said...

बच्चे खुश रहें...स्नेहाशीष चारों को...बल्कि पाचों को...खुशमय वातावरण में यह सुखद मिलन गुजरे सदा के लिए खुशियाँ बिखरने!!

अनेक मंगलकामनाएँ.

Vikram Singh said...

हार्दिक शुभकामनाएं
vikram7: हाय, टिप्पणी व्यथा बन गई ....

प्रेम सरोवर said...

आपका यह पोस्ट ज्ञानवर्धक है । इससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है । मेरे नए पोस्ट "हो जाते हैं क्यूं आद्र नयन" पर ाके प्रतिक्रियाओं की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी । धन्यवाद ।

Patali-The-Village said...

ढेरों ढेर हार्दिक शुभकामनाएं|

संजय @ मो सम कौन ? said...

ढेरों मंगल कामनायें।

abhi said...

:) :)

Rakesh Kumar said...

आपका गीत बहुत मार्मिक,हृदयस्पर्शी और दिल से
निकला है.
बहुत बहुत शुभकामनाएँ और आभार.