Wednesday, June 30, 2010

वाह !!! क्या अदा है ............................................

 ------आपके लिए एक गिफ़्ट है ...................अदा जी की एक गज़ल.................मैने गाई है ..................पर अभी अदा जी से अनुमति नही मांगी है.....
-----पूछ लो, मान तो जायेंगी ही.
------आप देख/सुन ............ लिजिये ...------
------अच्छा गाया है
------ आप अदा जी से अनुमति मांग लें....
------अभी अदा जी से अनुमति ले लेते हैं. .........फोन पर बात कर ली उनसे...परमिशन ग्रान्टेड...अब इत्मिनान से पोस्ट करो.
------या  नीचे चिट्ठी देख लो------
------"बहुत अच्छा लगा सुन कर....किसी और की आवाज़ में अपनी रचना...मेरे लिए ये एक नया अनुभव हुआ यह ..सच में :)
शुक्रिया कहियेगा उनको"...
'अदा'


 आभारी तो मैं हूँ अदा जी आपकी ........जो आपने इसे पसन्द किया......आभार उस मित्र का भी जिसने मेरी मदद की .......

आओ करें एक प्रार्थना...................बच्चों के साथ................आँखे बन्द कर .................




 १ जुलाई से स्कूल शुरू हो रहे है ..........ईश्वर से प्रार्थना है -------सब बच्चे स्कूल में पढ पायें..................अपने सपने पूरे कर पाएं..................उनका बचपन...................खिलखिलाता रहे .................आओ आज इस प्रार्थना के बाद आँखें बन्द कर सब मिलकर यही मांग ले ........................
अपने-अपने ईश्वर से.........................................................................



http://www.columbiaconvent.com/photogallery.htm

Tuesday, June 29, 2010

मित्र के साथ मुकदमा............................... जीत गई मै !!...............................(पक्का पता नही है )..........

माननीय जज साहब ,
मुझ पर एक मित्र ----"ब्लॉग  लिखने का "ज्ञान" उन्होंने ही दिया है," और फ़िर हमारा तो स्वभाव ही ऐसा है कि किसी का आभार व्यक्त करना हो तो ऐसे करें कि अगला किसी का भला करे तो सोच समझ करे ना कि मन किया और कर दिया किसी को भी प्रेरित ।" (हर बार एक नया सम्बोधन देते हैं मुझे ---हिन्दी कमजोर है ---उनकी )--------का आरोप है कि मैं दूसरों की पोस्ट का पॉडकास्ट करती हूँ....................अब मैं ये तो पहले ही बता चुकी हूँ कि  -----"न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे .....न ही किसी कविता के .....और न किसी कहानी या लेख को मैं जानती ....बस जब भी और जो भी दिल में आता है .......लिख देती हूँ "मेरे मन की" -----"
भला अब आप ही बताएं-- मुझे तो ज्ञान आप-पास से ही ढूँढ्ना पडेगा न !......और मैं समझदार हूँ ( गवाह है मेरे पास )................
मैं इस आरोप से इंकार करती हूँ..............मैं सिर्फ़ उसी पोस्ट का पॉड्कास्ट बनाती हूँ....जो अच्छी हो या जिसे लोगों को जानना /सुनना/या पढना चाहिए ....(मेरी समझ से).............चाहे वो मेरी हो या दूसरों की ..............( गानों की बात नहीं कर रही ....वो तो झेलना ही पडेंगे आखिर मूड भी तो कोई चीज है ? बनाना तो पडता ही है न !)...........
मैंने अब तक जो पॉड्कास्ट किए है ..उसमे से कुछ सबूत प्रस्तुत है ......

सखिया आवा उडि़ चलीं..’

एक लघुकथा........

....एक गीत

कुछ कहने से बेहतर होगा.................सुनना..........

रक्तदान, देहदान  महादान ...
बाल-उद्यान

आवाज
भोपाल त्रासदी
इनको सबने अच्छा ही बताया है ...........
आगे मैं यह कहना चाहती हूँ कि ------"क्या ये बेहतर नहीं होगा कि कहाँ ,किसने ,क्या कहा के बजाय  ये बताएं कि आज कहाँ,किसने क्या अच्छा कहा !!!.."................................मैं पूछती हूँ कि लोग बुरी बातों का जिक्र
करते ही क्यूं है ?......................करेंगे ही नहीं तो वो फ़ैलेगी ही नहीं....................
इसे उदाहरण से समझ लें----------जब कोई एक बच्चा मेरे पास शिकायत करता है कि -फ़लां बच्चे ने मुझे गाली दी, अब सब गालीयां सबने सुनी थोडी रहती है ...पहले तो डिसाइड करना पडता है कि गाली है कि नहीं?.........इसमें बहुत समय खराब हो जाता है ...................इसलिए मैं तो शिकायत करने वाले बच्चे को ही एक चांटा डांटती हूँ (हाँ अब लगा नहीं सकते ..)कि -तुमने सुना ही क्यों?......और सुना तो तुम लिख कर दे दो ----क्या बोला ............मैं देखती  हूँ क्या कर सकती हूँ.................अगर गाली हुई तो उसे बुलाएंगे ..........वरना ...............


गानों के लिए भी सबूत हैं मेरे पास  --- क्यों गाती हूँ इस बात के भी सबूत हैं मेरे पास (सबूतों को बेह्तर करने केलिए गवाहों को वक्त दिया है ---....उचित समय पर उनकी अनुमति लेकर प्रस्तुत किया जा सकेगा ) ..........
वैसे तो कई तारीखों पर बहस करके समझौता कर लिया है मैने...........अब वे मेरे मित्र  ही हैं . (पता बता पाने मे मैं असमर्थ हूँ------क्योंकि उनका कहना है कि एक बार किसी ने उनका पता दिया था तो सही पता होने के बाद भी गलत लोग आ पहूँचे थे .)....... ..........
फ़िर भी आप चाहें तो  ---------------भविष्य में ऐसे सबूत भी दे पाने की कोशीश करूंगी कि हमारा समझौता हो चुका है........समझौता होने की खुशी मे मित्र को एक गीत भेंट देना चाहती हूँ . ..................

 

और एक संदेश भी :----



...बस अब और मुझे कुछ नहीं कहना .!!!................

Monday, June 28, 2010

अब क्या करूँ ?.............................................बाँट दूँ ?????

मैं ईश्वर को अपनी परेशानी दे देती हूँ.........कह देती हूँ------उसने ही भेजा है ..........तो उसे ही बताना है कि ----आज क्या करना है ?.........क्योंकि उसे ही पता है कि उसने क्यों भेजा है.............जो भी अच्छा काम करवाना हो करवा ले .................
आज मुझे क्या करना है मैं ये नही सोचती .............क्योंकि मुझे पता थोडे ही रहता है कि मैं किस वक्त तक .रहूँगी !!!.........................जब भी समस्या आती है -----पूछ लेती हूँ अब क्या करूँ ? आगे बता ................बस ..........

Friday, June 25, 2010

क्योंकि ------ प्यार करने वाले -

नींद टूट चुकी थी मेरी
अब तक इतनी बैचैनी -कभी नहीं हुई 
अब लगता है 
मेरा दिल भर गया है 
उफ़न-उफ़न कर बाहर 
गिर रहे हैं शब्द
मैं समेटना चाहती हूँ
अतीत को यादों में
लिखना चाहती हूँ 
कोई किताब
बाँटना चाहती हुँ अनुभव
सुधारना चाहती हूँ सोच 
और, बताना चाहती हूँ उपाय
कई सवालों के ...
"जबाब"  मुझसे नही जाने तो,
ढूँढते रह जाओगे....
आओ-- मदद करो
हाथ बढाओ
समेंटो शब्दों को
और लिखो 
कहानी मेरी 
बहुत पुरानी
बडी लम्बी 
मोटी बनेगी मेरी किताब  
करेगी बहुत हिसाब
और फ़िर 
हम जियेंगे शान से ...
क्योंकि ------
प्यार करने वाले -
जीते हैं --शान से
मरते है ---शान से ...................

अब दिन भर के लिए ये गीत ...............


Wednesday, June 23, 2010

तनाव ..............कारण..... ............और.................... निवारण

इन दिनों शिक्षकों को शिक्षा देने के उद्देश्य से स्कूल में सेमिनार चल रहे हैं।कल तनाव मुक्त कैसे किया जाए? ये बताने /समझाने वाले आए थे सभी शिक्षकों को इकठ्ठा कर लिया गया था...............
सबसे पहले बताया गया ------धर्म से न जोडें.......इस बात को ......पूरी तरह अध्यात्मिक है.........
कुछ देर बाद लक्ष्मी जी का उदाहरण देते हुए पूछा गया --वे किस मुद्रा मे रहती हैं चित्रो मे?
तुरन्त जबाब मिला ---हाथ से पैसे नीचे गिराते हुए......
समझाया -----हाँ,इसका मतलब "Don;t hold money " .......वो उपर से आता है और नीचे चला जाता है ....
...अगर होल्ड कर लेंगे तो बहाव रुक जायेगा .......................................
अब मेरा दिमाग दौडने लग गया था (स्पोर्ट्स मे होने से जल्दी वार्मअप  हो जाता है ) ..........वहाँ बैठे सारे शिक्षकों पर नजर सरपट दौड रही थी हर चेहरे से नजर मिलते ही मुस्कराहट का आदान-प्रदान  भी हो रहा था..............और मेरे दिमाग का घोडा ये तय करते जा रहा था कि .........करीब हर धर्म को मानने वाले सभ्रान्त लोग वहाँ बैठे थे  ............अब वो बात जिसके लिए भूमिका बनानी पडी ...........


....................................टेस्ट पेपर ....१................................


नोट :----तीसरा प्रश्न अनिवार्य है ।प्रत्येक प्रश्न के नम्बर निर्धारित है ।प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट व अलग -अलग लिखे जाएं ।
जिन विद्यार्थियों को विषय की जानकारी न हों वे परीक्षा में न बैठें।


प्रश्न १:- लक्ष्मी जी का उदाहरण मुझे तो समझ मे आ गया ( बचपन से मंदिर के अलावा कहीं तो भेजा नहीं गया था )मै कभी मस्जिद/गिरजाघर/गुरूद्वारा नहीं गई पर जानना चाहती हूँ वहाँ अन्दर क्या होता है ? मै सोच रही थी जो शिक्षक मुस्लिम/सिख/ईसाइ धर्म के हैं वे इसे किस तरह से  समझ रहे होंगे ?


प्रश्न २:-मेरे स्कूल में हर धर्म को मानने वाले बच्चे पढते हैं मैं चूंकि स्पोर्ट्स टीचर  हूँ पूरे स्कूल्के हर बच्चे के साथ मेरा दिल का रिश्ता बन जाता है ,अब मै सोच रही हूँ-- राहुल/मयूरी को तो मै समझा सकती हूँ ,पर अरबाज़/मनप्रीत या लिलियन को कैसे समझाउं और किससे रिलेट करके ?


प्रश्न३:-इससे तनाव बढा या कम हुआ ?

रुला के गया सपना.............................. मेरा .............................( कृपया शीर्षक पर ना जाए ...................भावो को समझे .......)

Tuesday, June 22, 2010

आपकी पसंद ..........................................भी हो सकती है ......

आदरणीय उन्मुक्त जी की पसंद का गीत ...............कभी उनके कहने पर गाकर मेल किया था उन्हें ....................आज वही आप सबको भी सुना देती हूँ .......................एक बात और .........बताना चाहती हूँ ........उन्मुक्त जी के प्रोत्साहन के बगैर मेरे लिए गा पाना असंभव था ...........................तो उनका शुक्रिया भी अदा करना चाहती हूँ.........................


 

Saturday, June 19, 2010

कल ................प्रीती..........................और आज ..........................सलमा.........

कुछ लिखना ठीक नही ...............गलत समझ सकते है सब .........................मै तो अपने ...................खैर !! सुन ही लिजिये ...........

Friday, June 18, 2010

हमें अंग्रेजी नही आती .......हँसने की बात नही है ..............क्या-क्या पापड .........बेलने पडते है....हम ही जानते है....

 (शीर्षक पर क्लिक करने से प्लेयर चलने लगेगा ...अगर न चल रहा हो तो )...


अब तक तो आपको पता चल ही गया है कि .............मुझे गाने का शौक है ............कि मैने गाना कहीं नहीं सीखा है ..............कि मुझे अंग्रेजी नहीं आती है.................(पता नही कितने लोंगों को अंग्रेजी गानों के "वर्ड्स " समझ में आते होंगे ).........ट्राय मारने में तो कोई बुराई नही है ना ................सब थोडी न सुनेंगे ............जो थोडे बहुत सुनेंगे वे अच्छा कहेंगे या बुरा ................इससे ज्यादा तो.........और बुरा तो मै मानती ही नही ............किसी की कही फ़ालतू बातों का ......................










चलो अब चलू ...बहुत हो गया ..................छुट्टिया ख़तम...........

चलो अब चलू ...बहुत हो गया ..................छुट्टिया  ख़तम........................अब दिन भर ....भागमभाग .........सांस लेने की फुरसत नहीं ...........................
जो गीत आप सुनने /देखने वाले है....... वे अपने बारे में बताते है .....
"I am a 22 year old engineering graduate working in a software company in Bangalore, India. Violin is my passion and I have been training for the past six years.
I had trained under Sri T.V. Ramanujacharlu (top-grade violin artist, AIR, Trichy) initially for three years and am now a disciple of Sri B. Sivakumar (A-Grade veena artist, AIR, Trichy)."

मैंने इन्हें यहाँ सुना...............आप भी जाइए इस मधुरता को सुनने के लिए...........और भी बहुत है .....
...

Thursday, June 17, 2010

फिल्म -----गुड्डी का गीत ----वाणी जयराम जी का गाया .....................

बोले रे पपिहरा ,पपिहरा 
नित घन बरसे ,नित मन प्यासा 
नित मन प्यासा.नित मन तरसे 

पलको पर एक बूँद सजाए 
बैठी हूँ सावन ले जाये  
जाए पी के देस में बरसे
नित मन प्यासा.नित मन तरसे 

सावन जो संदेसा लाये मेरी आँख से मोती पाए 
दान मिले बाबुल के  घर से नित मन प्यासा.नित मन तरसे

कठिन से कठिन प्रयास  करना .........जुझारू प्रवृत्ति को दर्शाता है ...............................अंत में सबका भला होता है ........(ऐसा अगर किसी ने ना कहा हो तो मेरा समझे )............
सुनिए मेरी आवाज में  ...........

Wednesday, June 16, 2010

एक आत्मीय वार्तालाप ......................सागर नाहर जी से ......................

 मैने दी एक दस्तक ........     
सागर नाहर जी को ........और वे 
तकनीकी जानकारी
देने हाजिर हो गए invisible होने पर भी ....................... आप भी पढिए ...........उनसे हुई पूरी बातचीत ......

me:  नमस्ते
 Sagar:  नमस्ते अर्चनाजी
कल देखी आपकी पोस्ट, अच्छी लगी।
 me:  धन्यवाद
 Sagar:  कमेंट भी दिया था।
 me:  हाँ देखा
संगीत... उपलब्ध नही रहता है ..
 Sagar:  हाँ
 me:  geetnet पर गाए थे १-२ गीत बस
 आज की प्राब्लम-------
 Sagar:  :)
 me:  पूछ .सकती हूँ ना..
 Sagar:  हां, बिल्कुल
 me:  ज्यादा वक्त नही लूंगी
 Sagar:  कोई बात नहीं
आप कहिए
 me:  DivShare  से ब्लॉग पर कैसे लगाउँ ?
 Sagar:  अपलोड कर लिया है?
 me:  हाँ
वो तो आ गया
:)
 Sagar:  लोगिन कीजिये
 me:  हूँ
प्लेयर भी दिख रहा  है
 Sagar:  आपका गाना दिख रहा है उसके नीचे Embed दिख रहा होगा
उस पर क्लिक कीजिये
जब नया पेज खुलेगा तो नीचे लिखा होगा Your Embed Code:
 me:  ओके फ़िर
 Sagar:  उसे कॉपी कर लीजिये और पहले जहाँ आप  पेस्ट करती थी इसे पेस्ट कर दीजिये बस
हो गया आपका काम
ईस्निप के कोड की जगह यह कोड
 me:  download....forum ...kyaa hai
aur email to
email ke saamane  to pataa nahI kisake  id  likhe hai
 Sagar:  डाउनलोड पर क्लिक करने से एक लिंक मिलता है, अगर आप मुझे वह लिख देंगी या पोस्ट में जोड़ेगीं तो कोई भी उस लिंक पर क्लिक कर गाने को डाउनलोड कर सकेगा।
फोरम आपको कहां दिखा, ?वैसे यह चर्चा के लिए होता है।
आपसी चर्चा के लिये, कोई तकनीकी परेशानी हो तो उसके लिए
 me:  ok
try karati hu .....fir bataati hu.....madad ke lie shukriyaa aapaka samay liyaa islie mafi
 Sagar:  :)
नो सोरी, नो थेंक्स
 me:  aage bhi kaam padegaa.....ANBAN nahi karani hai
:)
 Sagar:  अगर थैंक्स कहेंगी तो अनबन करूंगा। :)
 me:  gana kab record karege ? :)
na baba anban se dar lagata hai
 Sagar:  खानदानी गायक हैं, थोड़े नखरे तो करने दीजिये
 me:  ohhh oho
thik hai .......par man jarur jaiyega
aap jahaa kahenge waha post hogaa ....
 Sagar:  :)
उस दिन रिकॉर्ड कर लेती आप :P
 me:  आखिर खानदानी ठहरे .....
 Sagar:  हा हा हा
 me:  बस यही गलती हो गई
और पता भी नही था इतने "सुरीले " होंगे
 Sagar:  देखिये आप  मजाक उड़ा रही हैं:)
 me:  वरना बिन बताए कर ले्ती
 Sent at 8:47 PM on Monday
 me:  नही जी .........बिलकुल नही ...सिर्फ़ प्रयास कर रही हूं ....एक गायक को फ़िर से जिवीत करने की
pleeese.........
 Sagar:  जी, कोशिश करता हूँ ,एक दिन
समय बहुत कम मिल पाता है।
 me:  जब आप कहे या खुद करके मुझे मेल करे या आपके ब्लॉग पर लगाए ..........कुछ भी चलेगा
 Sagar:  और फिर हिचक , शर्म भी होती है
 me:  बस सुनना और सबको सुनाना है
अरे  !!!!! यहाँ कौन देख रहा है
 Sagar:  मेरे केफे में तो लोग होते हैं ना
 me:  आप तो कॉलेज मे गाते थे ...आप ही ने बताया था
कभी तो खाली होते होंगे
 Sagar:  कॉलेज तो अपन गए ही नहीं कभी, कॉलेज के मामले में अगूंठा छाप हैं।
बस ग्यारहवीं पास, वो भी हिन्दी माध्यम से
स्कूल में गाते थे
 me:  केफ़े बन्द करने के बाद
 Sagar:  तब इतने छोटे थे कि शर्म आती ही नहीं थी।
 me:  तो क्या ......कॉलेज की जगह ...स्टेज पर लिखना था
मुझे सुनाया था उस दिन शर्म कहाँ गई थी ?? :)
 Sagar:  :)
उस दिन आँखें बंद कर ली थी।
हा हा
एक ग्राहक पैसे दिए बिना भाग   गया
 me:  तो बस आँखे बन्द करके ही सही .....
वो नुकसान मै भर दूंगी
 Sagar:  हा हा
ओके मैं जल्द ही कोशिश करता हूं
 me:  तो आज अब हाँ समझूं??
 Sagar:  बनिया ठहरा ना, नुकसान भरपाई की बात आई तो मान गया
 me:  wowwwwwwww
 Sagar:  हाँ
:)
 me:  ये हाँ कॉपी -पेस्ट कर लेना पडेगा मुझे
 Sagar:  क्यों नहीं
 me:  कही भरपाई....बही मे तो नही लिख रहे ?
 Sagar:  आप इस चैट को भी कहीं भी पेस्ट कर सकती हैं।
हा हा
आज आपको एक दो राज की बात बताऊं?
 me:  वेरीगुड  .....
इतनी गहरी दोस्ती... :D
बताएं
 Sagar:  पहली शायद आपको विश्वास ना हॊ, मुझे अंग्रेजी नहीं आती।
 me:  मुझे भी नही ....
 Sagar:  आप तो शिक्षिका हैं ना?
 me:  वैसे मै बी एस सी.....एल.एल.बी. पढी हू
डी.एड भी किया है ,,...
शिक्षिका भी हूँ
 Sagar:  और अंग्रेजी नहीं आती, ये कैसे हो सकता है?
 me:  पर sports teacher
बोल नही सकती अंग्रेजों की तरह बस
समझ जाती हूँ
ये कोई बडी बात नही है
 Sagar:  हां
 me:  मै एक इंग्लिश स्कूल मे काम करती हू
 Sagar:  पर एल एल बी करने के बाद स्पोर्ट्स में कैसे ?
सरकारी स्कूल  है?
 me:  वो तो बहुत लम्बी कहानी है ..........किसी से नही कही अब तक
प्राईवेट
स्कूल
 Sagar:  ओके, कोई बात नहीं
 me:  आप गाना भेजेंगे तो थोडा-थोडा करके ब्ताते जाउंगी............ :)
आप बनिया है ना
 Sagar:  हा हा हा
आप भी बनिया ही हैं शायद, अग्रवाल हैं?
 Sent at 9:05 PM on Monday
 me:  जब मेरी प्रिन्सीपल ने काम के लिए मेरा इंटरव्यू लिया था तो सबसे पहले मैने उन्हे यही कहा था कि मुझे अंग्रेजी नही आती
बनिया /अग्रवाल दोनो गलत
उनका जबाब था कोई बात नही तुम कर सकती हॊ ....
Sagar:  अच्छा
 me:  बस यही बात गांठ बांध ली .....अब मै सब कर सकती हूँ
भले ही किसी से भी पूछना पडे .... :D
 Sagar:  हाँ सही है
 me:  हा हा हा .... अब आप समझ ही गए होंगे
 Sagar:  :)
 me:  अब दूसरा राज बताएं 
Sagar:  भूल गया... याद कर के बताऊंगा।
 me:  शर्म तो भाग गई होगी ना अब तक
:)
 Sagar:  हाँ, काफी बेशरम हो गया हूँ।
 me:  ठीक है एक बार मे एक राज और एक डील....
 Sagar:  हां
 me:  चलो byeeeeeeee
अब तक तो एक गाना रिकार्ड हो जाता
 Sagar:  हा हा हा
bye
शुभरात्रि
 me:  शुभरात्रि
अच्छा लगा आपसे  बात करके
ये चेट भी कॉपी करने लायक है .....
 Sagar:  मुझे भी अच्छा लगा।
बिल्कुल करिये अर्चना जी।
 me:  तो कर दे .....किसी ब्लॉग पर ???
:D
 Sagar:  आराम से
कोई परेशानी नहीं ।
 me:  बताएं किस पर
 Sagar:  जिस  पर आपको अच्छा लगे।
 me:  सच मे......
कोई डील नही हे सोच लिजियेगा
 Sagar:  इसमें सोचने की कोई बात नहीं है।
 me:  बाद मे अनबन नही चलेगी :D
 Sagar:  आप मित्र हैं, आप गलत तो नहीं  चाहेंगी।
अनबन के कारण दूसरे होते हैं
 me:  मै मजाक कर रही थी .......अनबन का कोई कारण नही है मेरे पास
 Sagar:  :)
 me:  तो फ़िर पक्का .......मेरे ही ब्लॉग पर जल्द ,
 Sagar:  ठीक है
 me:  अब सच मे शुभरात्री
 Sagar:  शुभरात्रि
 Sent at 9:20 PM on Monday

Friday, June 11, 2010

चलो जाने दो....................अब छोडो भी..........................इतना भी क्या गुस्सा करना........


क्या आप जानते है?......जूही चावला ने भी एक गीत गाया है ......युगल-गीत......और वो भी अमिताभ बच्चन जी के साथ ......अगर नही .तो सुनिए और देखिए....मेरी पसंद का ये गीत.........


Wednesday, June 9, 2010

सुनिए दिलीप की लिखी एक कविता-------"दो पातीयां"

इस कविता को आप यहाँ पढ सकते हैं............दिल की कलम से ....

बेटी और माँ का एक संवाद............पत्र के माध्यम से......




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आज एक प्रार्थना ..........................ईश्वर से ...........................

आज एक गीत याद आ रहा है ................भजन कहे या प्रार्थना सुनिए मेरी आवाज में.........................सुबह -सुबह सुनने से ..........................मुझे अच्छा लगता है ..........................

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Tuesday, June 8, 2010

बस!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!............................इतनी -सी बात है...................................

एक व्यक्ति दूसरे से -----"आपने इतना अदब कहाँ से पाया?"
दूसरे ने जबाब दिया-----"बेअदबों से।"
पूछने वाला असमंजस में पड गया।.......उसने कहा-- "यह कैसे?.....भला उनसे कोई क्या सीख सकता है ?"
मुस्कराते हुए दूसरे से उत्तर मिला-----"इसमें हैरान होने की क्या बात है ?मैने उनमें जो बुरी बात देखी,उससे अपने -आपको दूर रखा,...........बस!!!!!!...........इतनी -सी बात है -----------
सीखने वाला तो खेल-कूद से भी सीख लेता है पर..........जिसे न सीखना हो वो सौ पाठ पढने के बाद भी कुछ नही पा सकता ....

सुबह -सुबह .................जापानी जूता.............

 इस बार सुनिए देवेन्द्र की आवाज मे ......मुकेश जी का गाया एक गीत...........( इस बार संगीत के साथ )

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Sunday, June 6, 2010

मधुबाला -----नैसर्गिक सुन्दरता



मधुबाला -----नैसर्गिक सुन्दरता 

ये पेंटिंग वत्सल और उसके दोस्त सुमित  ने मिलकर बनाई है ........अपने कमरे की दीवार  पर स्केल और पेन्सिल की मदद से............वत्सल के अनुसार उन दोनों ने ये पेंटिंग २-३ दिन में कुल १२-१४ घंटे का समय देकर बनाई .............कुल ५ पेन्सिल (६-बी ) का उपयोग किया 



और इसका साईज़ है .......७०" X ४२".........................कुछ इतना ....
.



और ये रहें चित्रकार .............



Saturday, June 5, 2010

प्रकृति की सुन्दरता -------------------------------गानों में ----------------मेरी पसंद ...........

आज सुनिए बल्कि देखिए मेरी पसंद के ये गीत ...............प्रकृति की सुन्दरता लिए ...............( यू -ट्यूब से साभार ..).



और इसका नया रूप भी .........


एक विनती भी --------समय निकालकर -------------एक बार किसी पेड़ के नीचे बैठे .............वे खुश होंगे .........

Wednesday, June 2, 2010

उफ्फ़ !!! कितनी गर्मी है....................

.
उफ्फ़ !!! कितनी गर्मी है ..........सोच रही थी मै कार की खिड़की से बाहर देखते हुए .........छोटे -बड़े सभी मजदूरों को काम करते देखकर ........................
घर पहुची तो ब्लॉग पढ़ने लगी ......उफ्फ़ !!! कितनी गर्मी है ...............सोच रही थी मै ...........छोटे -बड़े सभी का लिखा पढ़कर .....................
सभी को गर्मी होती है ...................
हम जलते है ..........अन्दर से भी .............बाहर से भी ...........
जलना हमारा नसीब है .......जीवित हो तो खुद जलने लगते है .......या दफ़न हो जाते है अपने कर्मो से ...........मृत हो तो जला दिए जाते है .............या दफना दिए जाते है .................
और दोष रोशनी देने वाले सूरज पर लगा देते है .....................उफ्फ़ !!!कितनी गर्मी है ..........