Monday, April 4, 2022

अचानक मिले उपहार से उपजी मुस्कान

ये है रूबी,रीता जी की दीदी की हेल्पर।
परसों रीता जी ने बताया उसका दसवीं का रिजल्ट आया,वो सेकंड डिविजन पास हो गई। उसकी आखों में देख मन हो आया तुरंत उपहार देने का ,भला हो टेक्नोलॉजी का तुरंत गूगल पे किया रीता जी को और पल भर में उपहार रूबी के हाथों में था।
रूबी की आंखों की चमक बता रही है कितनी खुश है अचानक से मिले उपहार से।जिसने मेरा दिन बना दिया।
यही मेरे ब्लॉग "कदम" का उद्देश्य भी है।धन्यवाद रीता जी का वे मेरी भी खुशी का माध्यम बनी।

Tuesday, March 15, 2022

बच्चों के लिए हास्य कविता

बात मार्च 2017 की है ।ब्लॉगर मित्र अंशुमाला जी ने एक कविता की मांग की थी फेसबुक पर,बच्चों के लिए हास्य कविता, तो ये लिखी थी।

मास्टरजी ने बच्चों को बुलाया
कक्षा में ये फरमान सुनाया
कल सबको विद्यालय अनिवार्य है आना
साथ में अपने, एक हास्य कविता भी लाना
सुन कर मास्टरजी का ये फरमान 
बबलू बाबा हो गए हैरान
चिंता से उनका सर भन्नाया 
घर जा माँ को मास्टरजी का फरमान सुनाया 
बोले - माँ कल जरूर से स्कूल जाना है
और साथ में हास्य कविता को भी ले जाना है 
अब हो गई माँ परेशान 
जानकर ये बहुत हुई हैरान!
कविता तो मिली ढेर सारी
सूरज ,फूलों,जानवरों वाली 
कहीं बन्दर था कहीं था भालू
कहीं कद्दू और कहीं था आलू
तुकबंदी थी,भाष्य नहीं था 
कविता मिली पर हास्य नहीं था,
तब माँ ने किया तकनीकी इस्तेमाल
फेसबुक पर स्टेटस ढेला और मंगवाया लिंकित ज्ञान
अब दोनों बैठे टकटकी लगाए 
टिपण्णी ताकते,कि कोई कविता-
कविता में  हास्य लेकर आए 
तभी मिला ये अद्भुत ज्ञान कि
अपनों संग जब समय बिताओ
हास्य से खुद सराबोर हो जाओ 
अब बबलू से फूटी हास्य की झड़ी है 
और हास्य कविता बबलू के मुंहबाएँ खड़ी है ...

Tuesday, March 8, 2022

अरे मेरी प्यारी सखियों

आज अपने काम में बहुत व्यस्त रही, अभी सबको शुभकामनाएं महिला दिवस की।

आप सभी सदा अपनी शर्तों पर अपना जीवन जीती रहें, 
चलती रहें अपने बनाए पथ पर 
और देती रहें अपनी संस्कृती अपने हाथों अपनी संतानों को
रास्ते के रोड़े हटाती रहें
अपनी ठोकरों से,
अपनी विनम्रता में छुपाए रखें 
अपनी अग्नि जिसमें भस्म कर सकें 
तमाम भस्मासुरों को
मुस्कुराहट में छुपाए रखें अपनी दया,करुणा और ममता
सहजता से राज करें इस और उस पूरी दुनिया पर 👍👍👍

अर्चना (आज का टास्क)

Tuesday, March 1, 2022

कष्टभंजन देव हनुमान जी ,सालंगपुर,गुजरात

हम भाई बहन अचानक से तय कर द्वारका दर्शन करने निकले,अहमदाबाद से सड़क मार्ग से पहले सोमनाथ जाना तय किया। रास्ते में सालंगपुर में हनुमान मंदिर आया, विशाल परिसर, साफसुथरा प्रांगण ,बगीचा ठहरने के लिए आवासीय कक्ष , सबकुछ बहुत सुंदर।
आप भी देखिए -
क्रमश:


Tuesday, January 25, 2022

बेटियां


(फोटो मोबाइल से एकदम ताजा खींचा भाभियों के बगीचे से मां के आंगन में धूप खाते हुए,और फोटो देख यहीं पंक्तियां लिखी बेटी दिवस पर।)

आम की छांह में,
नागचंपा के आंचल में,
यूं ही गुड़हल सी सुर्ख हो,
हंसती,खेलती,
खिलखिलाती,झूमती रहे
बेटियां
स्वेच्छा से गुलाब का हाथ पकड़,
या गुलाब को परे धकेल
आगे बढ़ आकाश को छू ले बेटियां।
- अर्चना

Monday, January 17, 2022

गाएं गुनगुनाएँ शौक से ग्रुप और उसकी खासियत



एक ग्रुप बनाया था व्हाट्स एप पर 
"गाएं गुनगुनाएं शौक से " नाम से शौकिया गुनगुनाने वाली महिला ब्लॉगर मित्रों के साथ ,बाद में कई मित्रों की मित्र भी जुड़ती हैं ।कई आकर स्वेच्छा से वापस लौट गईं।लेकिन ग्रुप चलता रहा,चल ही रहा है।
कई गतिविधियां अनायास हो जाती हैं इस पर जिसे सहेजने के लिए ग्रुप की सदस्या पूजा अनिल ने एक ब्लॉग इसी नाम से बना दिया।आजकल उसपर बहार आई है आप भी देखें।


फेसबुक पर टिप्पणियां

Sunday, January 9, 2022

बचपन और बचपना

हम फिर से बच्चे बन जाएं
आंगन में खेलें गिल्ली -डंडा,
गोल गोल कांच की गोटियां
छुप जाएं कपास की थप्पी में,
खींच कर भागे एक दूसरे की चोटियां
जब खूब थक जाएं तो
बांट कर खा लें आधी आधी रोटियां...

ऐ दोस्त 
दो मिनट के लिए ही सही
पर जरूर मेरे घर आना 
और हां
अपना बचपन साथ लाना...
अर्चना