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Friday, December 18, 2015

कबूतरों को उड़ाने से क्या ?

चलते-चलते   नामक ब्लॉग लिखते हैं केवलराम ....और ब्लॉग पर क्या-क्या लिखते हैं ये आप वहीं जाकर पढ़े तो बेहतर जान पाएंगे

ये पोस्ट बहुत पहले रिकार्ड की थी ..आज इसे आपको सुनने के लिए यहाँ लाई हूँ ...

Tuesday, January 14, 2014

व्यक्ति का व्यवहार -उसके जीवन का आधार

 ये हैं केवलराम जी  ....


केवलराम जी के लिए कई पॉडकास्ट बनाए है मगर अब तक मेरे ब्लॉग पर पोस्ट नहीं किए कभी ...क्यों ? इसका तो कोई जबाब नहीं है मेरे पास ....
 खुद का परिचय ये कुछ ऐसे देते हैं - 

 "क्या बताऊँ आपको अपने बारे में, जिंदगी में कुछ खास कहने के लिए नहीं है . बहुत सुहाना सफ़र रहा है आज तक जिंदगी का , पर कुछ खालीपन फिर भी महसूस होता रहा . दुनिया देखने ,सोचने और समझने में अलग है. क्या कुछ नहीं दिखाई देता हमें सुबह से शाम तक. कितना जोड़ पाते हैं हम खुद को उन स्थितियों और परिस्थितियों से, बस यही कुछ समझने और जानने की कोशिश रहती है कि हमेशा दुनिया में इंसान बन कर जी सकूँ .
जीवन अनिश्चितताओं और विरोधाभासों का संगम है , इसे समझना आवशयक है ...बस इसी समझ को पाने के प्रयास अनवरत जारी है ...! ब्लॉग से मेरा परिचय होना भी एक अजीब घटना है । (उसके बारे में फिर.....! ) लिखने का शौक तो बर्षों से रहा है.... ब्लॉग ने यह पूरा कर दिया. .ब्लॉग अपने आप में एक नशा है, जितना देखता, पढता, लिखता , सोचता और समझता हूँ , उतना ही इसमें डूबने का मन करता है ....!"
 अभी सुनिये एक पॉडकास्ट - अपनाने में हर्ज क्या है ? 


बाकि सारे पॉडकास्ट आप यहाँ सुन सकते हैं --
चलते-चलते