Wednesday, October 14, 2020

रंग ,सेहत और ताज़गी - नेहा Neha




(फ़ोटो -वत्सल चावजी)

Blue Tea or Tisane is a herbal tea prepared with beautiful blue/purple coloured Aparajita flowers. To brew yourself a refreshing cup of Tisane, 

👉🏼 take 2 cups of water💧 

👉🏼 add 4 flowers (dried or fresh)

👉🏼 add sweet basil Microgreens 🌱 (1g) 

👉🏼 add cloves, cinnamon, black pepper, cardamom 

👉🏼 can add ginger as well

👉🏼 boil for around 5 min for Colors and flavours to come

👉🏼 add honey for sweetness 

🌸Honey or Lemon 🍋 can change the colour of the Tea from blue/purple to pink/violet !! 💕 THE MAGICAL TEA ☕️ 

🌸Can be enjoyed hot or cold as Iced Tea 

🌸Best to take it one hour prior or after meal

🌸The edible flowers of Aparajita has traditionally been used in Ayurvedic medicines 💊

👉🏼 Enhances memory 🧠

👉🏼 Antidepressant 😀

👉🏼 Helps in detoxification 👍

👉🏼 Promotes sound sleep 💤 

👉🏼 helps in weight loss 

👉🏼 anti ageing properties 

👉🏼 anti inflammatory 

👉🏼 rich in Vitamin 

नेहा के लिखे को आप यहाँ भी पढ़ सकते हैं -

https://www.instagram.com/p/CGS6dviHDbv/?igshid=dun1rsytevfv


Tuesday, October 6, 2020

इस तरह दूर हो जाएँगे हम,सोचा नहीं था ...


साथी रे ......


सितारे भी सो गये चांद के संग में

अंतर की चाँदनी टिमटिमाए अंग में


चलो छुप जाएं हम मूँद के पलकें

देख लें सपनों को जो होंगे कल के


खोलेंगे जब पलकों को भोर में हलके

उनींदी आँखों से तुम्हें विदा देंगे चलके


फिर उदासी का वही अन्धड़ आयेगा

चूर होगा गोरा बदन धूल में सन के


दिन के उजाले में दर्द को सह के

सोचेंगे-पलकों से कहीं बूँदें  छलके


याद कर लेंगें तुम्हें हर हिस्से में पल के

देख लेंगे छवि बन्द आँखों में जो झलके....


-अर्चना

Sunday, October 4, 2020

आज़ादी के दो दूत

रहना सादगी से 

बिना कोई ताम झाम

लक्ष्य निर्धारित कर 

उसको पाना इनका काम

न कोई अस्त्र न कोई शस्त्र

जीते शांति से जंग 

सफ़ेदी में इनकी वो चमक 

कि दबे रह गए सब रंग 

शास्त्री और गांधी भारत माता के ये दो पूत 

जाने इनको अब कहकर आज़ादी के दो दूत ...

-अर्चना

Wednesday, September 9, 2020

जन्मदिन पर छोटी दादी ने लिखा

यज्ञा यशी के लिए 😊👇


महकी है जीवन की बगिया
खिली  है आंगन दो दो कलियां !
मां का आंचल भरा प्यार से,
पापा की दो प्यारी पारियां !
दादी के दिल के टुकड़े है
दादी गाती खूब लोरियां !
मामी,नानी, मासी  खुश हैं
मामा, बुआ,फूफा खुश हैं 
किलकारी से गूंजी गलियां !
पढ़ लिख करके बड़ी हो जाओ,
काम से अपना नाम कमाओ
खेलो कुदो खुशी मनाओ,
दादियों संग गाने गाओ !!😀😀
रचना

Saturday, September 5, 2020

अहसास कुछ खास में खुद में





शीतल ने बीड़ा उठाया और रश्मिप्रभा दी ने आदेश दिया । खुद के गाये कुछ गीत भेज दिए एयर नतीजा आपके सामने है।


अहसास कुछ खास - एक ही कलाकार



बहुत ही प्रतिभाशाली हैं गिरिजा दी ।

Tuesday, July 7, 2020

पिता की दृष्टि से दुनिया

पिछले दिनों हमारे ग्रुप "गाओ गुनगुनाओ शौक से"जो कि शौकिया गाने के लिए बनाया था ,पर पूजा अनिल ने एक टास्क में विषय दिया था ,जिस पर मैंने कोशिश की वो कहने की जैसा कि पिता ने जीवन में हर समस्या को जिस तरह सुलझाया ...

पिता की दृष्टि से दुनिया-

कठोर पर भुरभुरी
टिकी जिस पर धुरी
गीली पर बस नम
दलदल, पर बस भरम

भिन्न भिन्न फुलवारी
जैसे रंगों भरी क्यारी
कड़क और गरम
पर मखमल सी नरम

निर्भीक,निडर ,दुस्साहसी
पर कोमल,नाजुक और कसी
दबी हुई मुस्कुराहट और खिलखिलाहट चरम
पर साथ हीआँखों में झुकी शरम

नन्ही सी जान
स्व की पहचान
मन में निर्मलता और ईमान
मेहनत ही पूजा, कर्म ही धरम

सुख जैसे प्याज की दो फाँक
और ज्वार ,बाजरे की रोटी
दुःख बहती नदिया का पानी 
और अपना करम..
-अर्चना