न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे---,न ही किसी कविता के---,और न किसी कहानी या लेख को मै जानती---,बस जब भी और जो भी दिल मे आता है---,लिख देती हूँ "मेरे मन की"-----
मै,
सबसे पहले एक बेटी,फ़िर बहन,फ़िर सहेली,फ़िर पत्नी,फ़िर बहू, फ़िर माँ,फ़िर पिता,फ़िर वार्डन, फ़िर स्पोर्ट्स टीचर और फ़िलहाल "ब्लॊगर" के किरदार को निभाती हुई,"ईश्वर" द्वारा रचित "जीवन" नामक नाटक की एक पात्र।
पिछले दिनों मेरे स्कूल में एक नवम्बर सेचारनवम्बर तक सीबीएसई नॅशनल " Taekwondo "चेम्पियनशिप आयोजित की गई थी |पहली बार इतने बड़े स्तर पर कोई आयोजन किया गया था| इस आयोजन को लेकर हम सब बहुत उत्साहित थे | ईस्ट, वेस्ट, नार्थ वन, नार्थ टू वसाऊथ झोन के करीबचारसौबच्चों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया| तीस अक्टोबर से ही टीमो का आना शुरू हो गया था, इकतीस तारीख़ की शाम को सभी प्रशिक्षको की मीटिंग रखी गई थी,चूँकि बहती गंगा में सभी हाथ धोना चाहते है, इसीलिए हमने भी इसी कार्यक्रम के साथ हमारा वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम निपटाना उचित समझा |एक तारीख़ की सुबह औपचारिक कार्यक्रम के पश्चात प्रतियोगिता का शुभारम्भ हुआ ,सभी प्रतियोगियों ने खेल भावना के साथ खेलने की शपथ ली और उसका पालन भी किया |शाम को वार्षिकोत्सव के अर्न्तगत सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था ,सभी आयु वर्ग के बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी ,खासकर ड्रम व बासुरी की जुगलबंदी तथा सभी प्रान्तों के डांस को मिलाकर बने फ्यूजन डांस की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया |विजेताओ को पुरस्कार वितरित किए गए | दूसरे व तीसरे दिन सभी मुकाबले समयानुसार दो सत्रों में सम्पन्न हुए रात्रि को सबकी थकान दूर करने के लिए हल्का फुल्का मनोरंजन कार्यक्रम किया गया जिसमे प्रतियोगी बच्चों ने भी गानों व न्रत्यो की अनुपम प्रस्तुति दी |इन कार्यक्रमों में हम सब शिक्षको ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और इन बच्चों के साथ गाना गाकर व नृत्य करके अपना बचपन जिया, दूसरे दिन मैंने भी एक गाना बच्चों की पसंद का गाया.........................
चूँकि कार्यक्रम में १९ वर्ष आयुवर्ग के बच्चे भी थे इसलिए मैंने तीसरे दिन अपनी कविता "खेल-खेल में "सुनाई ,कविता बहुत पसंद की गई और कई लोगो ने उसकी फोटोप्रति लेने की इच्छा जताई, मुझे बहुत खुशी हुई और उन सबसे वादा किया की अपने ब्लॉग पर मै इसे पोडकास्ट करुँगी और इसीलिए ये मेरी कविता पोडकास्ट के रूप में ...........................
अभीदशहरेपरअपनेभाईकेघरगईथी ...........वहांसुबह-सुबहफोनकीघंटीसेनीदखुली ..........पताचलाकायरेमामी (हमसबउन्हेंइसीनामसेजानतेहै ) काफोनथा .............मेरीकामवालीबाईनहीआईहैआज........... कायरेमामीकीउम्रभीअस्सीसालकेलगभगहोगी , इस उम्र में भी क्रोशिये से बुनाई करती है , और सबको सीखाती भी है ,अकेलेरहतीहै ............वेअपनेपतिकीदूसरीपत्नीहै ,पतिअपनेज़मानेकेबहुतबड़ेवकीलथे .......पहलीपत्नीसेकोईबच्चानहीहुआथातोदूसरीशादीकरली , इनसेभीकोईबच्चानहीहुआ.........वकीलसाहबनेअपनीबहनकीबेटीकोगोदलेलिया , दामादकोघरजमाईबनालिया .......मेरेपिताजीनेउनसेवकालतसीखीथी .........वकील साहबकेदेहांतकेबादघरवालोनेसाथनहीदिया .......वेभीयहाँसेचलीगईबहुतसालोबादफ़िरलौटी ........ पैसाबहुतथा , दान भी किया ,एकमकानउनकेनामथा,उसीमेंरहतीहै............मेरेपिताजीकेदेहांतकेबादउनकीजिम्मेदारीमेराभाई , औरमेरीमौसीकेबेटेउठातेहै (उनकादूरकाकोईरिश्ताहै ) वेभीदशहरेपरअपनोकीराहदेखरहीथी............
आजमनबहुतव्यथितहै ,समझमेंनहीआरहाहैऐसाकैसेहोसकताहै......आपभीसोचेगेअगरभगवानहैतोकहाँ ???? नवीनकोतोआपअबजाननेलगेहोंगे .........कुछदिनपहलेहीमैंनेबताया था किउनकाकिडनीप्रत्यारोपणकाऑपरेशनहुआ , उनकेबड़ेभाईसंजयरावतनेअपनीकिडनीदी ........अबआगे....आज उनके छोटे भाई शैलेन्द्र रावत जो ऑपरेशन के दो दिन पहले से ही अहमदाबाद गए हुए थे , ने बताया ----ऑपरेशन अच्छेसेहोगयाऐसाबतायागया .........फ़िरअचानकएकदिनमेंहीक्याहुआकिएककेबादएक३-४बारऑपरेशनकियागया -----बतायागयाकिइन्टरनलब्लीडिंगहोरहीहै --------पतानहीलगपारहाहैकिप्रोब्लमकहाँपरहै ........फ़िरआख़िरकारउसनईलगाईगईकिडनीकोवापसनिकलदियागया ........बतायागयाकिवोऑपरेशनकेसमयकहीकटलगानेसेडेमेजहोगईहै ........निकालनाजरुरीहोगयाथा .............?????(बहुत ब्लड भी लग रहा है )(शैलेन्द्र कल फ़िर से अहमदाबाद जा रहे है क्योकि वहां पिता के पास दौड़ -भाग कराने वाला कोई नही है) अबआजजबमैंनेउनकेपितासेफोनपरबातकीऔर पूछा-----सरकैसेहै? जबाबमिला ---ठीक,अभीसोरहाहै ,औरभइया ?---हाँवोभीठीकहै ,अभीखानाखानेगयाहै (किरायेपरघरलेकर,नवीनकेमाता- पिता,संजय ,संजयकीपत्नी ,संजयकाबेटा ,नवीनकीपत्नी, नवीनकाबेटावहीरहरहेहै )बहुतहिम्मतकरकेमैंनेपूछाआपकैसेहै? ----मै? मैतोबिल्कुलठीकहू |मैंनेकहा -----अपनाध्यानरखियेगा ,.........हांपूरारखताहूसमयपरखाता -पीताहूँअपनाध्यानखूबरखताहूँ ...................औरमै........चुप----- औरकुछभीकह - सुननहीपाई.............अबक्याहोगायेसोच -सोचकेदिलघबरारहाहैहेभगवान्इतनीकठिनपरीक्षा ........... .......
आज गणेश जी से मागे नवीनके लिए जीवनदान -----कल अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में नवीन का किडनी प्रत्यारोपण का आपरेशन होने वाला है ------बड़े भाई की किडनी लगाई जायेगी -------उन सभी दानदाताओ का आभार जिनकी सहायता के कारण ये सब इतनी जल्दी सम्भव हुआ ------उन सब बच्चों का आभार जिन्होंने उनके लिए मदद जुटाई-----सब मिल कर पूरे परिवार के लिए दुआ करे -----यही विनती -----|| ॐ गं गणपतये नम: ||