वाह क्या अदा है! ! ! ...
कुछ कदम ही साथ चलने का मौका मिला ..पर हौसला और हिम्मत बहुत मिली --
(कुछ ऐसा ही महसूस किया था तब भी) ---
कुछ कदम ही साथ चलने का मौका मिला ..पर हौसला और हिम्मत बहुत मिली --
- धन्यवाद अर्चना जी, मुझे यह विचार इतना पसँद आया कि मन श्रद्धा से भर आया । इससे रोज दान देने की भावना बलवती ही होगी, और इसे एक मिशन के रूप में चलाया जा सकता है । हम दम्पत्ति ने कल 20 तारीख वृहस्पतिवार से ही इसे आरँभ करने का निर्णय लिया है । शुभम भ्रूयात January 19, 2011 12:49 AM
(कुछ ऐसा ही महसूस किया था तब भी) ---