Monday, February 15, 2021

शुभकामनाएं निशी



ऐ! छुटकी बंजारन
रूहानी मौलिमणी!
या कहूँ-मौली दी
धड़कन रोक देती है
तेरी वात्सल्य भरी
अक्षरों में पगी पोटली
प्रेम,प्यार,दुलार
और तेरा मनुहार
सदा शरारत को 
छुपा लेता है तेरी
सच! कोई धैर्य रखे 
तो कितना? 
और विश्वास भी करे 
तो कैसे?
तेरा मंतव्य तो 
मंज़िल पाने का होता है
और हम भ्रम में 
"दीदी" का सहारा 
बनने की ख्वाहिश में 
हिमालय की चोटी से 
धरा पर आ गिरते हैं ....
जरूर तुझमें 
ॐ का तत्व छुपा है
माँ की दुआएं तेरे साथ है...

ग़म और विरह 
में जकड़ी मैंं ठूँठ -सी
संदेश समझ न पाई तेरा
आह!...

मनुष्यता की सफ़ल सलाया
तेरी जिजीविषा से 
खिल उठा मेरा भी
संतोषी गुलमोहर
अनुपम..

आप कहूँ या आत्मन!
मेरी दी ... छुटकी स्वच्छंद बंजारन .... 
जीयो जीयो .....खूब जीयो ...
- अर्चना (मासी)

(निशी के जन्मदिन पर उसे समर्पित )

Wednesday, February 3, 2021

चाय और हम

चाय घर पर 6 लोगों के लिए
1...मेरे लिए बिना शक्कर, आधा कप
2...मेरे लिए कम शक्कर ,ज्यादा दूध ,पूरा कप
3...मेरे लिए कम शक्कर,कम दूध,बड़े वाला कप
4...मेरे लिए शक्कर ज्यादा ,प्लेट के साथ कप
5...और 6 को जैसी और जितनी बार बनी किसी भी कप में चल जाती है हमेशा 😁

चाय घर से बाहर वही 6लोग
1...नहीं
2...नहीं
3...चलेगी
4...चलेगी आधा
5 और 6 हां चलेगी ...😁😁