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Thursday, June 29, 2017

मेल मुलाकात और गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी का गीत

गिरिजा दी से इस बार फिर मुलाकात हुई बंगलौर में ,इस बार रश्मिप्रभा दी के घर हम मिले।ऋता शेखर भी साथ थी, गिरिजा दी और रश्मिप्रभा दी पहली बार एक -दूसरे से मिल रही थी, और फिर जो दिन भर बातों में बीता पता ही नहीं चला शाम के 6 बजे पहली बार घड़ी देखी और फिर देर हो गई,देर हो गई करते करते 7 बज गए ।बहुत आत्मीय रही मुलाकात सबकी,बहुत अच्छा लगा ,खास बात ये की चारों ब्लॉग लिखती हैं।
वहीं ऋता जी ने भी अपनी कुंडलियों का और गिरिजा दी ने अपना गीत संग्रह - "कुछ ठहर ले और मेरी जिंदगी"भेंट दिया , आज उसी संग्रह से एक गीत - "सर्वव्यापक" गाने  का प्रयास किया है आप सब भी सुनियेगा -
(प्लेयर को सक्रिय करें, एक बार में न हो तो पुनः करें)



Thursday, May 28, 2015

वीरों तुम्हें नमन

आज गिरिजा दी ने आमंत्रित किया था ... पिछले हफ्ते ही पहली बार मिले ... और आज दूसरी बार...बहुत कुछ उनसे .
सीखने को मिला ... उनकी धीमी आवाज को सुनते हुए 

महसूसा कि वाणी मेँ मिठास किसे कहते हैं ....और इनकी

बनाई आलू कि कचोड़ी बहुत स्वादिष्ट थी ... धन्यवाद ...मेरे 

एक दिन को यादगार बनाने के लिए ...मान्या से मिलकर भी 

खुशी हुई ...उसने भी एक भजन सुनाया ,उसे स्नेहाशीष ....

और इस मुलाक़ात मे उनकी आवाज मे सुनने के लालच ने बनवाया ये पॉडकास्ट ...
सुनिए और उन्हें पढिए उनके ब्लॉग - ये मेरा जहां पर








Wednesday, January 21, 2015

नाजुक चंचल है- गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी का गीत





आदरणीय गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी को कौन नहीं जानता ...बच्चों से बेहद प्यार करने वाली दी ने आप सबकी चहेती लाड़ो "मायरा"के लिए एक गीत भेजा है ,जो उन्होंने कभी अपनी पोती के लिए लिखा था .....
सुनिए / डाउनलोड करिये यहाँ से  -



या यहाँ से -

Music File Hosting - Download Audio - Balgeet - Girija di

.....इसे आप मायरा के ब्लॉग "नानी की बेटी" पर भी पढ़ सकते हैं.