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Friday, May 5, 2017

सुनिए दिलीप की लिखी एक कविता-"दो पातीयां"

२०१० में ये पॉडकास्ट ब्लॉग पर पोस्ट किया था , कुछ तकनीकी कारणों से पुराने पॉडकास्ट सुने नहीं जा पा रहे थे। ... आज ये रिकार्डिंग मिल गई , फिर से प्रयास किया है सुनवाने का -


इस कविता को आप यहाँ पढ सकते हैं............दिल की कलम से ....

ब्लॉग है दिलीप का -



बेटी और माँ का एक संवाद............पत्र के माध्यम से......






Wednesday, August 14, 2013

ऐसे बनता है तिरंगा ...

 स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सभी को शुभकामनाएं..
दिलीप के दिल की कलम से

Thursday, June 21, 2012

रिश्ता -तुमसे मेरा...

(ये कोई कविता नहीं है बस बात की है मैंने और दिलीप ने)...

अक्सर ऐसा होता है कि
जिंदगी आपको इतना पत्थर कर देती है कि
सबसे दूर जाने का मन करने लगता है
पर कुछ रिश्ते कभी नहीं टूटते
जैसे - तुमसे मेरा....

हमारा रिश्ता ही ऐसा है कि
तुम मुझसे दूर नहीं जा सकते
और
मैं तुम्हें जाने नहीं दे सकती...
बिछड़ने का तो सवाल ही नहीं उठता..
ये तुम भी जानते हो और मैं भी..
बाँध कर रखा है एक डोर से..
जो दिखाई नहीं देती....










Saturday, December 4, 2010

कहाँ गए वो लोग ??? ...............याद आई एक कविता दिलीप की........




 

(सभी चित्र गूगल से साभार)
भुलाए नही भूलते वे दिन.......दिलीप के दिल की  कलम से .....


पहले यहाँ पोस्ट कर चुकी   -------यहाँ आप पढ़ भी सकते है।

Sunday, September 5, 2010

ब्लॉगजगत के सभी गुरुजनों को सादर नमन ....शुभकामनाएं........

सादर नमन ........ब्लॉग जगत से जब से परिचय हुआ है ,तब से किसी न किसी व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखने को मिला है ....सभी गुरुजनों को मेरा नमन ..... वे अपना आशीर्वाद  बनाए रखेंगे मुझ पर ...इसी आशा के साथ .....
आज प्रस्तुत है दिलीप की लिखी एक वन्दना.....   "दो मुझे वरदान माँ ".........................उनके ब्लॉग " दिल की कलम " पर आप इसे पढें......

Wednesday, June 9, 2010

सुनिए दिलीप की लिखी एक कविता-------"दो पातीयां"

इस कविता को आप यहाँ पढ सकते हैं............दिल की कलम से ....

बेटी और माँ का एक संवाद............पत्र के माध्यम से......




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