ये टैब पर नौसीखिया हूँ ,
रचना और परिवार के सब सदस्य WhataApp पर मिलने लगे हैं ....
टैब पर लिखने में मजा नहीं आता तो मौका मिलते हीं डेस्क्टॉप पर ब्लॉग लिखती हूँ :-) .....फ़ेसबुक पर जब कभी लिखने में गलती करती हूँ तो
अली भाई के इन्डायरेक्टली समझाने से समझ में आ जाता है ....
राहुल सिंग जी चुपचाप लिखते-पढ़ते हैं, पता है ...
(मुझसे भी कुछ कहते नहीं बनता उनका लिखा चुपचाप ही पढ़ लेना पड़ता है , बहुत संजीदा लेखन है उनका)
इन दिनों
फ़ेसबुक बहुत हुआ वहाँ
मेरी हॉबी पढने,लिखने गाने के बाद अब कवर फोटो बदलना हो गई है वत्सल ने बताया .... (वत्सल-पल्लवी दोनों को बड़ा कर दिया है, अब वे मुझे संभालते हैं.....)
वहाँ का नजारा पिछले दिनों कुछ ऐसा रहा-
निवेदिता टैगिंग से परेशान हुई ,
वन्दना फ़ेसबुक पर सच्ची वाली विदा बोल कर गई है .... लगता है दीवाली पर जो पुस्तकों की रैक की सफ़ाई की थी ...कई बिना पढ़ी पुस्तकें मिली होंगी उसे ...उसके पीछे निवेदिता भी ... पर पता नहीं क्यों ? .... :-(
...वाणी को टिपण्णी करने में उलझन लगी रही ,ब्लॉगिंग बहुत बढ़िया करती है .ज्ञानवर्धक.
...पहले सुबह की चाय पर मिल जाया करती थी अब वो भी नहीं आती...:-(.
पीडी,और
शेखर ब्लॉक करके टैग करने वालों को लॉक लगाते रहे हैं , बीच-बीच में
अभिषेक की खिंचाई भी चलती रहती है .....
शिखा ने नया मोबाईल लिया
फोटोग्राफी अच्छी है उसकी भी ,
अमित जी ने रसोई में ज्ञान प्राप्त किया निवेदिता को डेंगू होने पर ,
काजल जी को बारिश ने बहुत तंग किया ,
विवेक और
महफूज दोनों मोटे-पतले होने में
अब तक लगे हैं,शायद हो नहीं पा रहे ..... :-)
वीर जी और
ललित जी ने वाट लगा रखी है,महफ़ूज़ बाबा की ...२७ फोटो की बात कहकर ब्लैकमेल करते हैं बच्चे को ...
सनातन जी वेदाध्ययन
करवा रहे हैं, पहले कोणार्क घुमाया अब गॄह-नक्षत्र-तारे दिखाकर हम जैसे अनपढ़ों का ज्ञान बढ़ा रहे हैं .सभी की ओर से आभार कहना चाहती हूँ उनका ....
...
अनु (अनुलता)को थोड़ी फुरसत मिल जाती है कभी-कभी उसमें भी या तो मुझे चिढ़ाती है या टांग खींचती है मेरी ...क्योंकि
मेरी वॉल पर आकर लेखिका/कवियित्री वाली इमेज चौपट हो जाती है उसकी ....
तो
समीर जी ,
अरविन्द मिश्रा जी और
भैया(अब नाम लिखने की जरूरत नहीं पड़ती इनका) भयंकर रूप से
व्यस्त और त्रस्त हैं,
अनूप जी च्यवनप्राश की फैक्ट्री कहाँ डालेंगे? फुर्सत में ...पता नहीं सुबह से ही कट्टा दिखाने लगते हैं चाय के साथ और अभी तो मार्निंग ब्लॉगर ज्ञान जी का जन्मदिन मनाने में व्यस्त थे ....
मुकेश ने गिटार उठा ली थी ,ऑफ़िस में भी बजाते रहते हैं , और
अजय ,
पदम् ,
दिलीप और
शिवम्
अपने-अपने मोर्चों पर तैनात है,.....दूर
गौतम की गज़ल महकती है कभी तो कभी
आशीष की गीता सुगंध बिखेरती है.......
....और मैं चिंता करती हूँ और
बिट्टो कैसी है? गुड्डू रात को समय पर खाना खाती होगी या नही....दीपक के क्या हाल होंगे ..कब घर आयेगा ..अविनाश जी ने मुनिया का क्या नाम चुना होगा.....
गिरीश जी की बेटी का इस साल ग्रेजुएशन पूरा हो जाएगा उससे दुबारा कब मिल पाउंगी ,
सागर जी अगला गीत कौनसा सुनाएंगे ,
नितीश उत्तराखंड में अब किस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा होगा ....सब........
बैचैन आत्मा चित्रों का आनन्द लेने कहाँ भटक रही होगी ......!