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Wednesday, March 16, 2011

खुश खबर.....................मै तो सास बन गई.........एक और रिश्ता......आभासी.....नहीं...सच्ची...


ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्
म्म्म्म्म्म्म्म
मिलिए मेरे बेटे-बहू से-

                                                                          संजय और प्रीती
ले आई मै अपनी बहू......इत्ती प्यारी......                               


                                                                      
 

व्यस्त हो गया है मेरा बेटा..............
जिसे थी "आदत मुस्कुराने की"--------हा हा हा    
और अब दे दो आशीष ढेर सारे........................  
जैसे मैंने दिए------            

आपके जीवन में सदैव उमंग हों,
खुशहाली के ही चारों तरफ़ रंग हों,
पवन सदैव मंद-मंद ही बहे,
और आप दोनों हमेशा ऐसे ही मुस्कुराते रहें।


पंछियों
ने फ़िर से है मधुर गान गाया,
फ़ूलों ने फ़िर से है रंग बरसाया,
ये पंछी हमेशा चहकते रहें,
और आप दोनो हमेशा ऐसे ही महकते रहें।


जीवन की बगीया में फ़ूल ही फ़ूल खिले,
कांटों को कहीं भी जगह ही ना मिले,
और तो और खिले हुए फ़ूल कभी ना सूखे,ना झडे, ना टूट के बखरे,
और आप उन्हीं कि तरह खिले-खिले से रहे।

 

अभी सासों में गरमी हाथ नम होंगे,
उठते होंगे जज़बात शब्द भी कम होंगे,
सूझता ही नहीं होगा कि क्या और कैसे कहें,
बस यूँ ही चुप-चुप से एक -दूसरे को निहारते रहें।

आप दोनों ने खुद को ही नहीं दो परिवारों को जोड़ा है,
एक -दूजे को जितना जाना है-- थोडा है।
मगर जो सम्बन्ध अभी बने है,हमेशा प्रगाढ ही रहें,
और आप के साथ सब यूँ ही मुस्कराते रहें।

-----स्नेहाशीष --मासी की ओर से...


Saturday, February 26, 2011

FAREWELL...



 ये कविता उन बच्चों के लिए जो इस वर्ष १२वीं की परिक्षा दे रहे है .....सभी को मेरी ओर से --ALL THE BEST...

Wednesday, February 17, 2010

आशीर्वाद ...................दिल से

इस बार स्कूल में कक्षा १२ वी के बच्चो के विदाई समारोह में मै शामिल नहीं हो पाऊँगी |इस बार जो बच्चे स्कूल छोड़कर जाने वाले है वे पहली कक्षा में थे , जब मैंने स्कूल ज्वाइन किया था इसलिए कुछ ज्यादा ही याद रहे है वे बच्चे ..............................स्कूल छोड़ते समय बच्चे बहुत खुश भी होते है और अपने साथियों से बिछड़ने का गम भी होता है उन्हें ...................जहा टीचर की डांट और होमवर्क से छुटकारा मिलने की ख़ुशी उनके चेहरों पर साफ़ देखी जा सकती है वही टीचर के माथे पर उनके उज्जवल भविष्य के लिए चिंता की लकीर देखी जा सकती है .......................मै ऐसा मानती हू कि यहाँ से इन बच्चो का नया सफ़र शुरू होता है .................अब उन्हें अपने आप से भी लड़ना होगा ........................मै इन बच्चो के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अपने दिल की बात कुछ इस तरह कहना चाहती हूँ ..........................प्रिय बच्चो ,आज आप सबकी स्कूल से बिदाई है ,बड़ी भावुकता पूर्ण ये जुदाई है ,
हर एक पल तुम्हे याद रहा होगा ,जिसमे कुछ खट्टा या मीठा स्वाद रहा होगा ,
हम नहीं जानते की यहाँ से निकलकर तुम कहा जाओगे ?मगर इतना बता सकते है की हमें बहुत याद आओगे |
यहाँ पाए घावों कों सदा याद रखना ,क्योकि तभी तुम्हे याद आएगा -हमारा उन पर मरहम लगाना |
जिस तरह एक छोटी गलती या भूल भी -बड़ी सीख देकर जाती है ----उसी तरह अगर मौके का फायदा उठाओ तो -----जिन्दगी बदल जाती है |
मुझे तुमसे ये भी है कहना ---कि झूठ की डोर पकड़कर कभी ऊपर मत चढ़ना,क्योकि झूठ कि डोर होती है कच्ची------कभी भी टूट जाएगी ,जबकि सच्चाई कि डोर होती है पक्की -------हमेशा ऊपर तक ही पहुचाएगी |
साथ चलने का शौक हो तो ---अपनो कों साथ लेना,तनहा भी चलना हो तो ---- सपनों कों साथ लेना |
हिम्मत से अपनी बाँध लेना मुठ्ठी में पवन कों ,और हौसलों से महका देना मरुथल में चमन कों |
अधिकार के लिए जब लड़ो----- तो भूलो कर्तव्यो कों,
अपने उसूलो के लिए लड़ो -----तब रोक लो समय कों |
एक वक्त ही तो है जो किसी का साथ नहीं देता ,भगवान भी कभी किसी से ऋण नहीं लेता |
एक पल की जिंदगी भी होती है बहुत बड़ी ,क्योकि जीवन की डोर तो है, बस एक सांस पर अड़ी |
याद सदा रखना ---औरो के नमक कों ,और नमक अदा करने क़ बाद ----देखना अपनी आँखों चमक कों |
निकल पड़े हो जो राह में तो भटकना कभी तुम ,भटके जो कभी राह तो --हो जाओगे यूं ही गुम |
अच्छाई और बुराई का जिसने फर्क समझ लिया ----उसने हर मुश्किल का हल चुटकी में झटक लिया |

भविष्य तुम्हे बुला रहा है ---,आस से निहार रहा है ,ईश्वर से यही प्रार्थना है ---समय तुम्हे निखारे..............हर कोई ----प्रेम से दुलारे .........
और
मंजिल तुम्हे पुकारे ...............क्योकि तुम --- उर्जा का पुंज हो ..........बस यही चाहती हूँ -----चारो दिशाओ में तुम्हारी ही गूंज हो .........................

Monday, June 8, 2009

खुशखबर

बहुत दिनों पहले एक पोस्ट लिखी थी "किसका दोष" नाम से मै आज उसकी कडी मे बताना चाहती हूँ "विनी" की माँ की शादी हो गई है,विनी अभी दादा-दादी के पास रहेगी, और एक खास बात यह भी की विनी के दादाजी ने भी विनी की माँ को आशिर्वाद दिया।-----सुखद भविष्य के लिये विनी की माँ (वीणा) को मेरी भी शुभकामनांएँ!!!!!!

Wednesday, May 6, 2009

भेंट

विवाह के मौसम मे वर-वधू के लिए शुभकामनाएँ----------

--- आपके जीवन में सदैव उमंग हों,
खुशहाली के ही चारों तरफ़ रंग हों,
पवन सदैव मंद-मंद ही बहे,
और आप दोनों हमेशा ऐसे ही मुस्कुराते रहें।

--- पंछियों ने फ़िर से है मधुर गान गाया,
फ़ूलों ने फ़िर से है रंग बरसाया,
ये पंछी हमेशा चहकते रहें,
और आप दोनो हमेशा ऐसे ही महकते रहें।

--- जीवन की बगीया में फ़ूल ही फ़ूल खिले,
कांटों को कहीं भी जगह ही ना मिले,
और तो और खिले हुए फ़ूल कभी ना सूखे,ना झडे, ना टूट के बखरे,
और आप उन्हीं कि तरह खिले-खिले से रहे।

--- अभी सासों में गरमी हाथ नम होंगे,
उठते होंगे जजबात शब्द भी कम होंगे,
सूझता ही नहीं होगा कि क्या और कैसे कहें,
बस यूँ ही चुप-चुप से एक -दूसरे को निहारते रहें।

--- आप दोनों ने खुद को ही नहीं दो परिवारों को जोडा है,
एक -दूजे को जितना जाना है-- थोडा है।
मगर जो सम्बन्ध अभी बने है,हमेशा प्रगाढ ही रहें,
और आप के साथ सब यूँ ही मुस्कराते रहें।

--- दोनों जब एक-दूसरे के जीवन में जाओगे,
सब कुछ बदला एकदम नया पाओगे,
पर एक-दूसरे पर विश्वास हमेशा बना रहे,
और आप इसी विश्वास की मिसाल रहें।

कुछ विशेष----

-
उम्र में छोटों की ओर से---

---------- हाथों में थामा है हाथ ,मिला जीवन भर का साथ,
हम आपसे छोटे और आपसे क्या कहे,
बस आप दोनों यूँ ही मुस्कुराते रहें।

शादी की वर्षगाँठ मनाने वालों के लिए-------

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रही ना अब वो छरहरी काया, फ़िर भी आप का ये रूप हमें बहुत भाया,
जिस दिन बनती है छाया-- प्रतिछाया,वह शुभ दिन आज फ़िर से है आया,
आपके आशीष सब पर बरसते रहें,और आप हमेशा ही स्व्स्थ मस्त रहें,
हम चाहते है बस आप यूँ ही मुस्कुराते रहें।