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Saturday, May 6, 2017

स्वच्छता अभियान - इंदौर पहला स्थान















बधाई सारे इंदौरियों  को। .. 


 अपने लिए गर्व का पल जुटा लिया उन्होंने ,सच में बहुत मेहनत की इंदौरियों ने , अपनी आदतों में बदलाव लाना इतना आसान भी नहीं होता। ...

 इंदौर खाना-पसंद लोगों का शहर ... जहां खाने के इतने शौकीन लोग हैं कि हर गली के बाहर पोहा-जलेबी और और पानीपूरी के ठेले आपको मिल जाएंगे ..., जहां आप २४ घंटे में किसी भी समय भूख लगे तो इंदौर के दिल राजबाड़ा की तरफ निकल सकते हैं , ये तय है की आपको भूखे नहीं रहना पडेगा। .
कल तक अखबार के टुकड़े , दोने , डिस्पोज़ल प्लास्टिक की पन्नी। .सब कुछ सड़क पर उड़ा दिया जाता था। .







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लेकिन जैसे ही सफाई अभियान की घोषणा हुई। .. चमत्कार से काम नहीं हुआ कि सारे के सारे इंदौर वासी एक हो गए। ...बच्चे से लेकर बूढ़े तक सब पर एक ही धुन सवार हो गई ---- क्लीन इंदौर -ग्रीन इंदौर। .. 




इसके लिए नगरनिगम ने सराहनीय प्रयास किये। ... सबसे आकर्षक नै नवेली कचरा गाड़ियों का गीत गाते हुए सुबह-दोपहर-शाम सड़को पर घूमना लगता है..


कैलाश खेर और शान के गाये गीत बच्चे -बच्चे की जुबान पर चढ़ गए-



 -- अब हमने मन में ठाना है। ... इंदौर को स्वच्छ बनाना है। .. गाते हुए "मायरा" भी दौड़ पड़ती है घर के अंदर। .- नानी कचरा गाडी आ गई। ...जल्दी चलो। ..चली जायेगी 










 ये कुछ वीडियो जुटाए हैं मैंने सोशल साईट यूं ट्यूब से। ....जो बताते हैं कितना उत्साह है इंदौर वासियों में। . 

ये सच है की मिलकर प्रयास किये जाए तो बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है - अस अभियान को इतने जोर-शोर से चलाये जाने के लिए हमारे प्रधानमंत्री की मैं आभारी हूँ। .. हो तो बहुत पहले ही सकता था ,मगर पहल करना अपने आप में महत्वपूर्ण है 

सहयोग करते हुए मैंने इंदौर वासियों को देखा है - जब वे कचरा गाड़ी के सफाई कर्मचारियों को ठंडा पानी पिलाते हैं या खाना देते हैं खाने के समय। ... सारे सफाई कर्मचारियों का बर्ताव तारीफे-काबिल रहा है अब तक। ... बुजुर्गों से ,बच्चों से लेकर खुद ही कचरा गाड़ी में डालते हैं। ... 

.. और अंत में एक विशेष बात जो सराहनीय है -
इन कचरागाडियों की महिला ड्राईवर।जिन्हें इस काम पर रखा गया। ... उनका आत्मविश्वास देखते ही बनाता है जब वे ये मिनी गाड़ियां चलाती है 

एक प्रयास आप भी करें आपके अपने शहर को साफ़ रखने के लिए। ... 

अपनी भावी पीढ़ी को एक नया देश सौंपेंगे हम इसी आशा के साथ सभी को शुभकामनाएं 

विस्तृत जानकारी यहां है -








Tuesday, April 28, 2015

नन्हे-नन्हे मोती यूँ न खो




हर हाल में हम सुखों को बाँटें,
करें दुखों का मिलकर दमन।
जीवन जिसने दिया है हमको,
उस विधाता को हमारा नमन।


सुखों का मौसम,दुखों का मौसम,
आए, आकर जाए।
हर एक के, मन के आँगन में,
सपनों को बिखराए।


सुख आते तो, खिलती पाँखें,
खुशी-खुशी सब मुस्काते।
चेहरे सबके खिले-खिले से,
मिलजुलकर सब हँसते-गाते।


दुख आते तो सब घबराते,
सही काम न एक, कर पाते।
गीली होती, सबकी आँखें,
डर कर सब रोते-चिल्लाते।


होना है जो, होकर रहता,
नहीं किसी के टाले टलता।
हिम्मत से जो दुख: से लड़ते
जीत उसी की,सभी ये कहते।


हर हाल में हम सुखों को बाँटें,
करें दुखों का मिलकर दमन।
जीवन जिसने दिया है हमको,
उस विधाता को हमारा नमन।
-अर्चना