कुछ तो है नितिश कु. सिंग के ब्लॉग से उनके दिल कि बात ...
न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे, न ही किसी कविता के, और न किसी कहानी या लेख को मै जानती, बस जब भी और जो भी दिल मे आता है, लिख देती हूँ "मेरे मन की"
Showing posts with label नितीश कु. सिंह. Show all posts
Showing posts with label नितीश कु. सिंह. Show all posts
Sunday, March 31, 2013
Saturday, February 2, 2013
जब दिमाग जीत गया तर्क की बाजी...
नितीश कु. सिंह से बात करते हुए कब रिश्ता बन गया पता ही नहीं चला...बस "बुआ" पुकारने लगा और बन गया मेरा भतीजा --- उसका ब्लॉग कभी देखा हो ऐसा याद नहीं आता ..लेकिन जब पहुँची उसके ब्लॉग पर तो ये मिला,आप भी सुनें
कुछ और रचनाएँ भी अच्छी लगी खासकर -
खुदकुशी और नदी और समंदर
कुछ और रचनाएँ भी अच्छी लगी खासकर -
खुदकुशी और नदी और समंदर
Subscribe to:
Posts (Atom)