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Sunday, March 31, 2013

कुछ तो है जो ....

कुछ तो है  नितिश कु. सिंग के ब्लॉग से उनके दिल कि बात ...

Saturday, February 2, 2013

जब दिमाग जीत गया तर्क की बाजी...

 नितीश कु. सिंह से बात करते हुए कब रिश्ता बन गया पता ही नहीं चला...बस "बुआ" पुकारने लगा और बन गया मेरा भतीजा --- उसका ब्लॉग कभी देखा हो ऐसा याद नहीं आता ..लेकिन जब पहुँची उसके ब्लॉग पर तो ये मिला,आप भी सुनें


कुछ और रचनाएँ भी अच्छी लगी खासकर -
खुदकुशी और नदी और समंदर