न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे---,न ही किसी कविता के---,और न किसी कहानी या लेख को मै जानती---,बस जब भी और जो भी दिल मे आता है---,लिख देती हूँ "मेरे मन की"-----
Saturday, February 26, 2011
FAREWELL...
ये कविता उन बच्चों के लिए जो इस वर्ष १२वीं की परिक्षा दे रहे है .....सभी को मेरी ओर से --ALL THE BEST...
10 comments:
स्वागत है
प्रसारण के बाद देखता हूं
sach kaha sachchai ki dor sabse majboot
आशीर्वादात्मक वचन, विदाई सुखद रहेगी।
वाह...
अभिव्यक्ति का नया अंदाज अच्छा लगा..
बहुत सही!
सुंदर भाव..... काम आयेंगें आशीर्वचन शुभकामनायें मेरी भी.....
वाह बहुत अच्छा लगा..
हमारी तरफ़ से भी आल द बैस्ट।
मेरे व्लाग पर आने के लिए धन्यवाद मगर बिना पुरे हुए एक वर्ष पूर्ण होने की बधाई , यह बात मेरी समझ में नहीं आयी ...
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