Sunday, October 31, 2010

एक गज़ल ---समीर जी की...



समीर जी के बारे मे ज्यादा जानना चाहें तो फ़िलहाल यहाँ पढ़िये---

 और दिव्यांशी बिटीया को अब तक जिसने जन्मदिन की बधाई न दी हो वे बधाई दे राजेन्द्र जी के ब्लॉग पर ...सुने उनकी एक रचना बेटी....

(अगर प्लेयर न चले तो शिर्षक पर एक बार क्लिक करें)

9 comments:

गिरीश बिल्लोरे said...

वाह
समीर जी की कलम आपके सरस स्वर
वाह
गरीबी रेखा की सूची में सेठ गरीब दास

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर जी ओर बिटिया को बहुत बहुत बधाई

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

shabd aur aawaz dono hi kamaal ke hain.... ap dono ko badhai

निर्मला कपिला said...

समीर जी की रचना तो आखर कलश पर पढ ली मगर आवाज़ नही सुन सके शायद कुछ कहीं प्राबलेम है। धन्यवाद।

संजय कुमार चौरसिया said...

bahut sundar evam janmdin ki badhai

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत सुन्दर।

हरकीरत ' हीर' said...

Archna ji Rajendr ji ke blog pe aapki aawaaz suni ...badi pyaari aawaaz mein gaya hai aapne ....
Bdhai ....!!

जितेन्द्र ‘जौहर’ Jitendra Jauhar said...

आपकी आवाज़...वाह, अर्चना जी...वाह! आप गायन की दिशा में आगे बढ़ें...!

Akash Mishra said...

मैंने पहली बार आपकी आवाज में कोई गजल सुनी , बहुत अच्छी आवाज और उतनी ही खूबसूरत गजल |

सादर