Tuesday, January 18, 2011

और अब --हिन्दयुग्म आवाज ओल्ड इज गोल्ड वार्षिक संगीतमाला भाग 6

सिर्फ़ सुनिए.....(गलतियों के लिए माफ़ भी किजियेगा)


यहाँ--  इसके पहले के भाग सुनने के लिए मिलेंगे --और पढियेगा यहाँ

6 comments:

संजय भास्कर said...

बहुत अच्छा लगा!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" said...

सुन्दर प्रस्तुति!

Tarkeshwar Giri said...

achha laga

राज भाटिय़ा said...

माफ़ कर दिया गया हे जी, अब सुनाओ

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

यहउस दौर का गीत है जब लता और शंकर में झगड़ा चल रहा था.. और सुमन ने गाए थे गाने,जो वास्तव में लता गातीं.. एक फर्माईश इसी शृन्खला की मेरी भी नोट अर लो.. हो सके तो पूरी कर देना.. अजहूँ न आए बालमा, सावन बीता जाए!

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।