Saturday, January 19, 2013

शुभकामनाएँ

                                                               १९ जनवरी २०१३
                                            शादी की प्रथम वर्षगाँठ पर बहुत-बहुत प्यार 



 






                     
                         हार्दिक बधाई,शुभकामनाएँ और शुभाशीष- सफ़ल दाम्पत्य जीवन के लिए.... 
                             
आँखे बोलती है जब तो आवाज नहीं होती
सुनने वाला विरला ही कोई सुन पाता है ...

बुनी जाती हैं सबकी फ़ंदा दर फ़ंदा जिंदगी
पर जिस तरह आँखे बुनती है विरला ही कोई बुन पाता है...

संगीत की लय पर थिरक जाये आत्मा अपनी
ऐसी मधुरतम लय विरला ही कोई गुन पाता है...

और बेमतलब साथ अपने चल सके दूर तक कोई
ऐसा साथी जीवन में विरला ही कोई चुन पाता है ....

एक तोहफ़ा तुम्हारे लिए - नेहा --- यादगार पल



गीत रचना - राजेन्द्र स्वर्णकार





14 comments:

unmukt S said...

मेरी तरफ से बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें।

प्रवीण पाण्डेय said...

वत्सल और नेहा को अतिशय बधाइयाँ..सदा ही ऐसे प्रसन्न बने रहें आप दोनों..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

मेरी ओर से भी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
--
बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपकी पोस्ट के लिंक की चर्चा कल रविवार (20-01-2013) के चर्चा मंच-1130 (आप भी रस्मी टिप्पणी करते हैं...!) पर भी होगी!
सूचनार्थ... सादर!

सदा said...

बहुत-बहुत बधाई सहित शुभकामनाएं

संजय भास्कर said...

सफ़ल दाम्पत्य जीवन के लिए... बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!!!!

संजय भास्कर said...

बधाइयाँ बधाइयाँ बधाइयाँ !!!

rashmi ravija said...

बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं !!

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत सुन्दर तस्वीरें हैं अर्चना जी. दोनों बच्चों को मेरा स्नेहाशीष.

Archana said...

धन्यवाद आप सबका

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

बनी रहे जोड़ी, जुग जुग!!

अनूप शुक्ल said...

बधाई! मंगलकामनायें।

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

बहुत बहुत बधाई...

Akash Mishra said...

कुछ दिन देर से आया हूँ , माफ़ी |
मेरी तरफ से भी आने वाले सुनहरे भविष्य की अनगिनत शुभकामनाएं |

सादर

निवेदिता श्रीवास्तव said...

वत्सल और नेहा को बहुत - बहुत बधाई और शुभकामनायें :)