Thursday, April 23, 2015

आराधना "मुक्ति" की कहानी - शर्त

आज सुनिए आराधना "मुक्ति" के ब्लॉग ईचक दाना बीचक दाना  से उनकी लिखी एक कहानी शर्त




प्लेअर पोस्ट नहीं कर पा रही थी ...आदरणीय अनुराग  जी की मदद से ये हो पाया ..उन्होंने एडिटिंग भी की है ....
आभारी हूँ उनकी ....
सुनकर बताईयेगा कैसी लगी ... कहानी को कहानी की तरह सुनाने का पहला प्रयास है ये मेरा ....

4 comments:

Rajendra kumar said...

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (24.04.2015) को "आँखों की भाषा" (चर्चा अंक-1955)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।

Sanju said...

सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
शुभकामनाएँ।
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

मन के - मनके said...

सुंदर

Udan Tashtari said...

बढ़िया कहानी सुनाई- अराधना को भी बता देंगे,,, :)