Sunday, February 7, 2016

एक भजन - कान्हा फिर से आओ न !

कान्हा फिर से आओ न !
डॉ. मोनिका शर्मा जी

के ब्लॉग से एक भजन ...



इसे मैंने दिसंबर २०१० में रिकार्ड किया था -


6 comments:

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " एक थी चिरैया " , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

डॉ. मोनिका शर्मा said...

आभार आपका ... ब्लॉग्गिंग में दस्तक देते ही आपकी यह प्रस्तुति एक उपहार सी थी मेरे लिए । यह सातवीं पोस्ट ही थी । बस, कुछ में आया और ये पंक्तियाँ लिखीं । आज फिर से कितनी यादें ताज़ा हो गईं...... थैंक्स अ लॉट ..अब Chaitanya Sharma की ड्रॉइंग भी इसका हिस्सा बनी यह वाकई सुखद है ।

डॉ. मोनिका शर्मा said...

*मन में

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (09-02-2016) को "नुक्कड़ अनाथ हो गया-अविनाश वाचस्पति को विनम्र श्रद्धांजलि" (चर्चा अंक-2247) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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चर्चा मंच परिवार की ओर से अविनाश वाचस्पति को भावभीनी श्रद्धांजलि।
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डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

कालीपद "प्रसाद" said...

अर्चना चाव जी बहुत अच्छा लगा आपकी मीठी आवाज़ में यह भजन !आपकी आवाज़ में मीठी आकर्षण है !

Satish Saxena said...

वाह , भजन और आवाज ….
दोनों बेजोड़ ! बधाई आप दोनों को !