Friday, November 3, 2017

कुछ है,कुछ नहीं

जिंदगी से सवाल कुछ किये, कुछ नहीं
सवालों के जबाब कुछ मिले, कुछ नहीं

मैंने तुमसे कुछ कहा, कुछ नहीं
तुमने मुझे कुछ समझा, कुछ नहीं

दिल का दिल से रिश्ता कुछ है, कुछ नहीं
तुम्हारा मुझसे वास्ता कुछ है, कुछ नहीं

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5 comments:

Satish Saxena said...

वाह !!

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (04-11-2017) को
"दर्दे-ए-दिल की फिक्र" (चर्चा अंक 2778)
पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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कार्तिक पूर्णिमा (गुरू नानक जयन्ती) की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

HARSHVARDHAN said...

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन पृथ्वीराज कपूर और सोमनाथ शर्मा - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

shubham rai said...

वाह

RADHA TIWARI said...

वाह बहुत खूब