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Thursday, September 13, 2018

भगवान जी से प्रेयर मायरा की

मायरा -मम्मी आज मेरी मेडम ने कुछ लिख के दिया है, मेरे स्कूल में ग्रेंड पेरेंट्स डे है (चहकते हुए) सब बच्चों को अपने दादा,दादी,नाना,नानी के ही साथ स्कूल में आना है,पापा-मम्मी नहीं आ सकते उस दिन...
मायरा की माँ-अच्छा! मैं मेडम से बात कर लूँगी (ये सोचते हुए कि मायरा को क्या समझाना है)
अगले दिन टीचर से बात करने पर पता चला कि हां,सिर्फ दादा-दादी या नाना -नानी ही आ सकते हैं। ये बताने पर कि उसकी नानी अभी यहां नहीं है,टीचर कहती है-एक दिन के लिए बुला लीजिये (जो पॉसिबल नहीं है अभी)
इन दिनों मैं यहाँ परियों की देखभाल में व्यस्त हूँ...

दूसरे दिन मायरा की मम्मी मायरा को समझाते हुए-बेटा देखो !आपके साथ न मौसी दादी और मौसा दादाजी आएंगे स्कूल में,आपको कोई पूछे तो कहना कि आपके दादा-दादी और नानू आपको ऊपर से देख रहे हैं ,भगवान जी के पास से,और आपकी नानी आपकी दो-दो छोटी सिस्टर्स के पास उनको संभालने के लिए गई है ,अभी आ नहीं सकती ...
मायरा-मम्मी अपन भगवान जी से बोल देते हैं कि थोड़ी देर के लिए दादा-दादी को भेज देंगे, अपन प्रेयर करते हैं,मैं तो उनसे मिली भी नहीं हूँ😢
माँ के साथ पापा की आँखें भी नम हो आई😢...
अगले दिन मौसी दादी और मौसा दादा सारे काम कैंसल कर मायरा के स्कूल में थे ,मायरा ने पुराने गीतों पर परफॉर्मेंस दिया ...
मायरा प्यारी बच्ची ,बहुत समझदार दीदी बन गई हो,जब बड़ी हो जाओगी तो जानोगी तुम्हारे साथ सबसे ज्यादा दादा-दादी और नाना-नानी हैं और सबकी शुभकामनाएं  भी ढेर सारी और सबके स्नेह भरे आशीष भी ढेर सारे ..

तो आओ मायरा पर स्नेहाशीष की बौछार कर बताएँ जरा 👍

Saturday, April 22, 2017

गर्मी आई गर्मी आई





गर्मी आई गर्मी आई
छुप गया कम्बल
छुपा दी गयी रजाई
रसभरी लीची ,हरे -काले अंगूर,
और रसभरा तरबूज खाओ
केरी-पुदीने का शरबत
और आम का ठंडा रस
कूलर वाले कमरे में
पियो चटखारे ले लेकर
लू भरी दोपहरी को छकाओ
इमली की चटनी
और खीरे का रायता
नानी को पटाकर,
नानी से बनवाओ
दोपहर में नानी की बात मानो
बाहर न निकलो
शाम को नानी को साथ घुमाओ
खुद आईस्क्रीम खाओ
नानी को ठंडी-ठंडी
लस्सी पिलाओ। ..
बस!! ऐसे ही मस्ती में
गर्मी को दूर भगाओ !!!
-अर्चना

Monday, November 14, 2016

आओ कुछ देर बच्चे बन जाएं


१ - मायरा और बॉल



२- मायरा का कोकिल गान



३- मायरा का पाउट




४  - म्यूज़िक बजा नाचूंगी




५  - नानी तेरी मोरनी




६  -फिसलपट्टी




७ - पढ़ाई




८ - साड़ी की शौकीन मायरा

Tuesday, December 15, 2015

मैं हूँ न!




मैं तुम्हें यहाँ लाई थी 
मेरी बिटिया 
मेरी लाड़ो, 
मुझे लगता था 
इस घुटन भरी दुनिया के 
कुछ बाशिन्दों को 
जीने की वजह देने से 
उनके चेहरे भी मुस्कुरा सकते हैं 
तुम्हारी मुस्कान से 
पर मैं शायद गलत थी 
ये दुनिया सिर्फ़ घुटन भरी ही नहीं है 
दहशत भरी भी है 
जहाँ साँस लेना मुश्किल है 
तुम सी तितली का..... 
नोंच कर कली को 
फ़ेंक देते हैं यहाँ दरिंदे
फूलों की खुशबू से 
उनका कुछ लेना-देना नहीं 
मैं नहीं चाहती 
तुम्हारी मुस्कान खोना 
और किसी दरिन्दे द्वारा
तुम्हारे इन्द्र धनुषी परों का कतरा जाना....
पर तुम डरो नहीं ............





मैं हूँ न!

खींच लूँंगी उनके प्राण ...
ताकि हो जाए
उसी क्षण मौत उन दरिन्दों की
जिस क्षण उनके मन में
ये विचार आए ....

जिससे -
हर कली खिले,महके 
और मुस्कुरा पाए ....
और दुनिया में
"नानी की बेटी" कहलाए 







Thursday, October 22, 2015

आओ सब आ जाओ


आओ सब पास आ जाओ
और ऐसे अब त्यौहार मनाओ!





Thursday, October 8, 2015

तैराकी मायरा की

मायरा पानी से नहीं डरती......उम्र है अभी एक साल पाँच महीना
मुझे तैरना नहीं आता था .... जब हॉस्टल मे वार्डन का जॉब मिला तो हॉस्टल के बच्चे छुट्टी के दिन स्विमिंग कराते थे ,और मेरी ज़िम्मेदारी होती थी उनके साथ खड़ी रहूँ..... किसी भी दुर्घटना की संभावना से ही डरी रहती थी .... आखिर तय किया की पहले खुद सीख लूँ ...और वही किया भी मेरी उम्र होगी कोई 37 साल ....
लेकिन अब मायरा ...देखिए खुद ही





Wednesday, April 15, 2015

देखो...देखो !!! वो आ रही है ....

११/०४/२०१५.... और कुछ इस तरह उतर कर आई हमारी "मायरा" अपने जन्मदिन की पार्टी में ..




Sunday, February 1, 2015

लोरी





हम्म हमम हम्म हम्मssss....हम्म हम्म हम्म हम्मsssss.....
सो जा सो जा ओ मेरी गुड़िया सो जा सो जा 
नानी की बाहों में तूss छुप के सो जा 
सो जा सो जा मेरी गुड़िया हम्म हम हम्म ह्म्म्मsss

दादा झुलाएंगे झूsssला दादी की यादों में तू छुप के सो जा 
सो जा सो जा ओ मेरी लाडलीssss
खो जा सपनों में खो जा ,सो जा सो जा 
तू छुप के सो जा 
नानी की बाहों में तू छुप के सो जा 
ह्म्म्म हम्म ह्म्म्म हम्म सो जा सो जा 
ह्म्म्म ह्म्म्म...सो जा सो जा 

नानी गुनगुनाए....नाना जो लाए दुआएं
नानी गुनगुनाए ....नाना जो लाए दुआएं 
तू उनको सुनते सुनते सो जा 
मीठे सपनों में तू खो जा 
सो जा सो जा ओ मेरी गुड़िया
सो जा 
ो जा हम्म ह्म्म्म हम्म ह्म्म्म.....
ओ मेरी "मायरा"आ sssss नन्ही सी मायराss
हो हो सो जा सो जा तू छुप के सो जा 
नानी की बाहों में चुपके से सो जा 
हम्म हम्म ......हम्म ह्म्म्म.......
ओ मेरी मायराsssss प्यारी सी मायराsssss
सबकी दुलारी.....छुटकी सी बिटिया सो जा ....

Wednesday, January 21, 2015

नाजुक चंचल है- गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी का गीत





आदरणीय गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी को कौन नहीं जानता ...बच्चों से बेहद प्यार करने वाली दी ने आप सबकी चहेती लाड़ो "मायरा"के लिए एक गीत भेजा है ,जो उन्होंने कभी अपनी पोती के लिए लिखा था .....
सुनिए / डाउनलोड करिये यहाँ से  -



या यहाँ से -

Music File Hosting - Download Audio - Balgeet - Girija di

.....इसे आप मायरा के ब्लॉग "नानी की बेटी" पर भी पढ़ सकते हैं.

Wednesday, October 29, 2014

ठुमक -ठुमक "मायरा" चलत

(बहुत कोशिश के बाद भी नानी की बेटी- "मायरा" के ब्लॉग पर प्लेअर नहीं लगे ... :-(





ठुमक -ठुमक "मायरा" चलत
नानी को नचाने -२

नानी आये पीछे-पीछे
मायरा भागे आगे...
नन्हे-नन्हे पैर हिले
छुन-छुन पायल बाजे....
ठुमक -ठुमक "मायरा" चलत
नानी को नचाने.....२

एक जगह टिकती नहीं
ये छोटी पिदुकली
लेटते ही पलटी मारे
देखते रहें सारे...
ठुमक -ठुमक "मायरा" चलत
नानी को नचाने.....२

नानी उसको गोद ले तो
चार बाल नोंच ले
कभी चश्मा खीच ले
और नाक भी दबोच ले
नानी से ही खिचड़ी खाए
और झूला झूले...
ठुमक -ठुमक मायरा चलत
नानी को नचाने.... २

Sunday, June 1, 2014

पंख लगा समय भागा...

समय तो निकल ही भागता है
हाथों से फिसलकर
ज्यों फिसल जाती है रेत
और टपक जाता है हर लम्हा
ज्यों टपकती है बूँद पानी की हाथों से
रह जाते हैं निशाँ
गहरे होकर
हादसे से हुए जख्मों के
क्यों कि
रिसता रहता है घाव
हर संवेदना व्यक्त करने वाले के साथ
मोमबत्ती जलाने से टपका मोम
हरा रखता है जख्मों को
या फिर कई और तरीके भी तो हैं...
समाचार बनाने के ...
कड़े शब्दों में निंदा करना
बहुत आसान होता है
या फिर
बस एक ट्वीट
फिर "केदार" पूजे जाएंगे ही
और बहा ले जायेगी गंगा
सारे अस्थिपंजर इस बार
बाँट दिए गए हैं मुआवजे
सोलह जून केे
जारी हो गए मृत्यु प्रमाणपत्र
हो चुके हैं चुनाव
आई पी एल भी उफान पर है
डाक्टरों की भी जांच जारी है
शिक्षा डिग्री की होती है
संस्कारों की नहीं ...
.
.
.
मगर "मायरा"
मेरी बच्ची ! तुम
कब बड़ी हो जाओगी
अपनी मम्मी की तरह..
ये बता पाना मुश्किल होगा
किसी के भी लिए
क्योंकि
समय तो निकल ही भागता है
हाथों से फिसलकर .......
-अर्चना
(फोटो - मम्मी-पापा के साथ मायरा और पल्लवी (मायरा की मम्मी) मायरा की नानी के साथ )


Saturday, May 10, 2014

आपके पाँव .....

ये नानी को भी न जाने क्या-क्या याद आ जाता है--
है तो पाकीज़ा फिल्म का संवाद
पर आप ही बताईये भला- पाँव तो जमीन  पर ही होने चाहिए न !

Wednesday, April 30, 2014

आई रे आई रे हँसी आई....

नानी कहती है -
" अपनी एक मुस्कराहट कई लोगों को उनकी परेशानियों में भी खुशी दे जाती है .....तो हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए ...जाने -अनजाने लोग अपने दुःख भूल जाते हैं

..और नानी की दादी ने नानी को बताया है कि-

"हँसने के पैसे थोड़े ही न लगते है !"
...
...
...
और तो और काजल नानू (अब मैं तो नानू ही कहूँगी,पूछा क्या पुकारूं तो अब तक बताया नहीं है ....:-( .....) ने तो घोषणा भी कर दी की- "मायरा" ,मुस्कुराने वाली बच्ची है !
.
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. देखिए ...और शुभकामनाएं दीजिए कि सदा  हँसने वाली बच्ची बनी रहूँ .......