Friday, August 20, 2010

"आँख का पानी"-------------------राकेश खंडेलवाल जी का एक गीत

 (चित्र गुगल से साभार)


आज सुनिये राकेश खंडेलवाल जी का एक गीत---------पढना होगा इसे यहाँ ---------इस ब्लॉग पर ---------



8 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

कविता और स्वर!
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दोनों का जवाब नही!
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इस खारे पानी की सरिता में तो
सागर समाया हुआ है!

प्रवीण पाण्डेय said...

लगा कि स्वर से अश्रु टपक रहे हैं। सुन्दर।

दीपक 'मशाल' said...

nahin sun sakta
ghar pe sunoonga.. par pata hai achchha hi hoga..

संजय कुमार चौरसिया said...

kavita achchhi hai, aur swar ka kya kahna

राज भाटिय़ा said...

अति सुन्दर।

Udan Tashtari said...

वाह!! बहुत सुन्दर गायन...राकेश जी के गीत यूं भी अद्भुत होते हैं...आनन्द आ गया.

केवल राम : said...

यही कहना सही रहेगा ...बेहतरीन प्रस्तुति ...!

अनूप शुक्ल said...

बहुत खूब ! अच्छा गाया आपने !