Wednesday, August 25, 2010

राखी


राखी पर्व पर विशेष...........................................................................................
......................................................................शुभकामनाए..........

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ईश्वर से सभी ब्लोगर बन्धुओं के सुखद भविष्य की कामना के साथ सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं....

ज एक कविता ---पुरानी (पिछले साल की पोस्ट)



राखी नहीं सिर्फ़ धागा या डोर ,
बंधता है इसमें एक छोर से दूसरा छोर ,
नहीं बन्धन ये सिर्फ़ कलाई का ,
इसमें छुपा है दर्द जुदाई का ,
मिलन की रहती सदा इसमे आस है ,
रिश्ता ये ऐसा जो हर दिल के पास है ,
निभा सके हम इसे जीवन भर ,
आओ संकल्प करें इस रक्षाबंधन पर..............
.....



10 comments:

Udan Tashtari said...

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

Mrs. Asha Joglekar said...

Shubh Rakhee.

Akshita (Pakhi) said...

रक्षाबंधन तो कित्ता प्यारा त्यौहार है.. ढेर सारी बधाइयाँ.
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"पाखी की दुनिया' में 'मैंने भी नारियल का फल पेड़ से तोडा ...'

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

ब़ढ़िया रचना है!
--
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

संजय भास्कर said...

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.
ब़ढ़िया रचना है!

Shekhar Kumawat said...

ब़ढ़िया रचना है!
--
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

arvind said...

ब़ढ़िया रचना ...रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ

सतीश सक्सेना said...

प्यारी पोस्ट ! शुभकामनायें !

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर रचना जी,रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत सुन्दर कविता है।