माँ की सीख ---
आज कल माँ का साथ नसीब हो रहा है, अपने अनुभव से कुछ बाते बताती हैं वे --
१
---खुद कभी ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी का भी दिल आहत हो ,या उसे अपनी बात बुरी लगे।
२
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय .....
--- इसलिये कभी भी किसी की बुराई मत करो या किसी की बुरी बातों का जिक्र मत करो।
३
साँई इतना दिजीए ,जामें कुटंब समाय ,
मैं भी भूखा ना रहूँ, पंथी न भूखा जाय ॥
--- इसलिये बहुत ज्यादा की चाह नहीं होनी चाहिये और हमेशा अपनी चादर के अन्दर ही अपने पैर रखना चाहिये ।
और भी बहुत ....
आज कल माँ का साथ नसीब हो रहा है, अपने अनुभव से कुछ बाते बताती हैं वे --
१
---खुद कभी ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी का भी दिल आहत हो ,या उसे अपनी बात बुरी लगे।
२
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय .....
--- इसलिये कभी भी किसी की बुराई मत करो या किसी की बुरी बातों का जिक्र मत करो।
३
साँई इतना दिजीए ,जामें कुटंब समाय ,
मैं भी भूखा ना रहूँ, पंथी न भूखा जाय ॥
--- इसलिये बहुत ज्यादा की चाह नहीं होनी चाहिये और हमेशा अपनी चादर के अन्दर ही अपने पैर रखना चाहिये ।
और भी बहुत ....

20 comments:
बुजुर्गों द्वारा कही हुई बातें अनुभूत होती हैं।
नेक अनुकरणीय सीख.
इस आनन्द का एक पल भी न गँवाइये।
आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
अवगत कराइयेगा ।
http://tetalaa.blogspot.com/
बिल्कुल सही कहा है ।
मिश्रित सा भाव उठा दिया आपने..
माँ के श्री चरणों में प्रणाम!! हमारा तो सारा जीवन माता की सीख पर ही चलता है!! बहुत ही अच्छी सीख!!
और हाँ! बहुत सुन्दर तस्वीर...!
माँ हमेशा ही नेक सलाह देती हैं ...
जब आये संतोष धन सब धन धुरि समान
नेक सीख, बिल्कुल सही कहा है
आपकी प्रवि्ष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल उद्देश्य से दी जा रही है!
शुभकामनाओं सहित!
सच मां की यादों को मेरे सिरहाने लादिया आपने
अनुकरणीय सीख|
:) :)
बहुत अच्छी अच्छी बातें!!
KISMAT WAALI HAIN AAP ... MAA KA KHYAAL RAKHEN ...
बिल्कुल सही कहा है|अनुकरणीय सीख|
नुकरणीय बातें ..... माँ के साथ से बढ़कर कुछ नहीं
*अनुकरणीय
माँ की सीख अनमोल होती है.
माता जी को सादर नमन.
आप भाग्यशाली हैं जो माँ का साथ मिल रहा है।
..शुभकामनाएं।
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