Wednesday, June 1, 2011

जिन खोजा तिन पाईयां ............

कल जिस आवाज को आपने सुना उनके और उस गीत  के रचनाकार के बारे में बताने वाली थी आज ...
फिर सोचा मौके को भुना लू ...क्या पता उन्हें सुनने के बाद कोई ये सुनना भी पसंद करे या नहीं .....तो आज सुनिए वही गीत मेरी आवाज में ( एडिट उन्ही ने करके दिया है ).....



और हां ----कल की पोस्ट की टिप्पणियों से ज्ञात हुआ की पद्मसिंह जी और अनुराग शर्मा जी ....भी गाते है तो अब पॉडकास्ट की उनकी बारी रहेगी वे तैयार रहे ............हा हा हा ..........

9 comments:

Udan Tashtari said...

उम्दा....उम्दा.....उम्दा!!!!


न जने क्यूँ आँख नम हो आईं..लगा मुझे बुलाया जा रहा है!!

वन्दना said...

आपकी रचना यहां भ्रमण पर है आप भी घूमते हुए आइये स्‍वागत है
http://tetalaa.blogspot.com/

प्रवीण पाण्डेय said...

आज स्वर बड़े ही गहरे लग रहे थे, नम भी।

prerna argal said...

bahut badiyaa swar main sunder geet badhaai aapko.




please visit my blog and leave a comment.thanks

राज भाटिय़ा said...

दोनो ही बहुत उम्दा हे, धन्यवाद

दिगम्बर नासवा said...

Bahut hi madhur aur gamgeen aawaaj ....

Richa P Madhwani said...

http;//shayaridays.blogspot.com

संजय भास्कर said...

बहुत उम्दा

संजय भास्कर said...

kuch personal problam ke karan blog par na aa paa raha hoon
sory for late visit