Saturday, September 22, 2012

कोई चेहरा भूला सा ...

संजय अनेजा जी के ब्लॉग मो सम कौन कुटिल खल ......?से एक पोस्ट 

कोई चेहरा भूला सा
इस पोस्ट के बारें में कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा सिर्फ़ सुना और महसूस किया जा सकता है --

जो भी प्लेयर चले दोनों में से -









12 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

ये पता होता कि‍ सुनने को मि‍ल जाएगा लेख तो इंतज़ार न कर लेता !

Ramakant Singh said...

हम जीते हैं इन्हीं पलों को लेकिन उतार नहीं पाते उसे शब्दों में दिल को छू गई बच्ची की बातें और आँखों का लाल होना . संजय भाई जी की ईमानदारी को लाख लाख प्रणाम साथ ही तुम्हें भी नमन बड़ी शिद्दत से पढ़ा है रही बात गाने की तो उसने भी शमा बाँध दिया

Rahul Singh said...

वाह, वाह-वाह.

ashish said...

बहुत सुन्दर. सुनकर प्रफुल्लित हुआ मन

प्रवीण पाण्डेय said...

पढ़ा था, प्रभावित हुआ, अब सुन रहा हूँ..

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

मैं तब भी स्पीचलेस था और आज भी स्पीचलेस हूँ! मुझे तब भी एक वाकया याद आया था और आज भी याद आया.. मैंने तब भी कहा था कि लिख नहीं पाया और आज भी कह रहा हूँ कि लिख नहीं पाउँगा, शायद!!!
और पोडकास्ट के बारे में क्या कहूँ.. ट्रेडमार्क है तुम्हारा!!

Avinash Chandra said...

वाह! मैं फिर सम्मोहित हुआ!

देवेन्द्र पाण्डेय said...

सुनना तो पढ़ने से भी अधिक गहराई में ले जाकर छोड़ देता है। आज फिर पढ़ा, याद ताजा हुई।

वाणी गीत said...

श्रवण ने पाठन सा ही रोमांचित किया !

ramadwivedi said...

बहुत प्रभावी लगा सुनना ..बहुत अच्छी आवाज और शैली भी ...बधाई ..

डा. रमा द्विवेदी

Mukesh Kumar Sinha said...

:))

Udan Tashtari said...

आज कैसे उपर आई फेस बुक पर ये पोस्ट :)