Wednesday, September 26, 2012

शायद ....गज़ल...

कभी जो राह तकते थे वो अब नश्तर से चुभते हैं
किताबों में रखे हैं फ़ूल वो अब खंजर से दिखते हैं...

हुई ये आँख भी गीली और उदासी का समन्दर है
अगर कोई जाम भी छलके तो आँसूओं से छलकते हैं...

कभी तुम लौट कर आओ इसी उम्मीद में अब भी
लौटती सांस से हरदम, बड़ी खुशियों से मिलते हैं...

न जाने कौन सा किस्सा, किताबों सा छपा दिल में
उसी की हर इबारत से, वो किस्मत को बदलते हैं...

-अर्चना 

23 comments:

Udan Tashtari said...

अरे वाह!! अब तो गज़ल भी कहनें लग गईं आप...बहुत उम्दा!!

Ramakant Singh said...

बीते पल में गुजरे हर सुख दुःख के क्षण ऐसे ही आते जाते हैं . जीवन के सुखद लम्हे ही क्यों कसक लेकर आते हैं , शायद लौटकर फिर नहीं आ पाते . बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल जिसमे जीवन की आश का संचार दिखलाई देता है

Udan Tashtari said...
This comment has been removed by a blog administrator.
Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

बहुत बढिया!

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत ही प्यारी और कोमल अभिव्यक्ति..

काजल कुमार Kajal Kumar said...

सुंदर है जी

somali said...

bhut hi pyari abhivyakti

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 27-09 -2012 को यहाँ भी है

.... आज की नयी पुरानी हलचल में ....मिला हर बार तू हो कर किसी का .

मन्टू कुमार said...

बहुत ही उम्दा गजल |

Pankaj Kumar Sah said...

bahut badhiya shodon ka samagam...dhnywad kabhi samay mile to mere blog http://pankajkrsah.blogspot.com pe padharen swagat hai

रेखा श्रीवास्तव said...

बहुत सुंदर बात कही है इस ग़ज़ल में.

shikha varshney said...

शानदार भाव हैं गज़ल के.

Sriprakash Dimri said...

बहुत सुन्दर भाव पूर्ण गज़ल....

yashoda agrawal said...

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 29/09/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

Kailash Sharma said...

बेहतरीन गज़ल...बहुत सुन्दर

Saras said...

वैसे तो पूरी ग़ज़ल काबिले-तारीफ है लेकिन अर्चना जी तीसरा शेर बहुत ही उम्दा लगा ...बधाई

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत उम्दा गज़ल

Reena Maurya said...

वाह|||
बहुत ही बढ़िया गजल...
:-)

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बेहतरीन

सादर

Anand Dwivedi said...

अच्छी रचना !

PK SHARMA said...

kya baat hai..nice

Mukesh Kumar Sinha said...

di:))

Anonymous said...

It's great that you are getting ideas from this paragraph as well as from our dialogue made at this time.
Also see my web page - trustworthy site