Tuesday, July 26, 2016

राखी


याद आता है जब क्रोशिया सीखा था ...बहुत मुश्किल और बोरिंग लगता था ... 
अब मेरे हॉबी बन गया है -
बेहतरीन टाईम पास 

ये आजकल की पसंद 



थोड़ी कठिन है ये --


 कुछ नमूने -





ये दोनों तरफ से उपयोगी है -





और इसे अभी पूरा होना है -


7 comments:

ज्ञान चक्षु said...

हाथ की बनी राखियों में एक अलग ही प्यार झलकता होगा |
मेरी बहने भी शायद ऐसा बनायीं होंगी |

Shekhar Suman said...

बहुत ही प्यारी हैं...

Shekhar Suman said...
This comment has been removed by the author.
shubham jain said...

Aapki banayi rakhiyan dekh kr mera maan itna machla ki maine bhi kroshiya kharida aur kuch lambi lariyan banayi.
..bitiya use friendship band kah rhi...dimand badh gyi hai bands ki...friendship day tak 2 darjan bands bana kr ready krne hai :)

shubham jain said...

Aapki banayi rakhiyan dekh kr mera maan itna machla ki maine bhi kroshiya kharida aur kuch lambi lariyan banayi.
..bitiya use friendship band kah rhi...dimand badh gyi hai bands ki...friendship day tak 2 darjan bands bana kr ready krne hai :)

Onkar said...

बहुत सुन्दर

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

मैं तो हैरान हूँ तुम्हारी कलाकारी देखकर... तुम्हारी भाभी का भी प्रिय शौक है यह, लेकिन मेरे कहने के बावजूद भी उन्होंने कभी कोई प्रयोग नहीं किया!! सलाम है तुम्हें और तुम्हारी कला को!