Wednesday, May 6, 2009

भेंट

विवाह के मौसम मे वर-वधू के लिए शुभकामनाएँ----------

--- आपके जीवन में सदैव उमंग हों,
खुशहाली के ही चारों तरफ़ रंग हों,
पवन सदैव मंद-मंद ही बहे,
और आप दोनों हमेशा ऐसे ही मुस्कुराते रहें।

--- पंछियों ने फ़िर से है मधुर गान गाया,
फ़ूलों ने फ़िर से है रंग बरसाया,
ये पंछी हमेशा चहकते रहें,
और आप दोनो हमेशा ऐसे ही महकते रहें।

--- जीवन की बगीया में फ़ूल ही फ़ूल खिले,
कांटों को कहीं भी जगह ही ना मिले,
और तो और खिले हुए फ़ूल कभी ना सूखे,ना झडे, ना टूट के बखरे,
और आप उन्हीं कि तरह खिले-खिले से रहे।

--- अभी सासों में गरमी हाथ नम होंगे,
उठते होंगे जजबात शब्द भी कम होंगे,
सूझता ही नहीं होगा कि क्या और कैसे कहें,
बस यूँ ही चुप-चुप से एक -दूसरे को निहारते रहें।

--- आप दोनों ने खुद को ही नहीं दो परिवारों को जोडा है,
एक -दूजे को जितना जाना है-- थोडा है।
मगर जो सम्बन्ध अभी बने है,हमेशा प्रगाढ ही रहें,
और आप के साथ सब यूँ ही मुस्कराते रहें।

--- दोनों जब एक-दूसरे के जीवन में जाओगे,
सब कुछ बदला एकदम नया पाओगे,
पर एक-दूसरे पर विश्वास हमेशा बना रहे,
और आप इसी विश्वास की मिसाल रहें।

कुछ विशेष----

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उम्र में छोटों की ओर से---

---------- हाथों में थामा है हाथ ,मिला जीवन भर का साथ,
हम आपसे छोटे और आपसे क्या कहे,
बस आप दोनों यूँ ही मुस्कुराते रहें।

शादी की वर्षगाँठ मनाने वालों के लिए-------

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रही ना अब वो छरहरी काया, फ़िर भी आप का ये रूप हमें बहुत भाया,
जिस दिन बनती है छाया-- प्रतिछाया,वह शुभ दिन आज फ़िर से है आया,
आपके आशीष सब पर बरसते रहें,और आप हमेशा ही स्व्स्थ मस्त रहें,
हम चाहते है बस आप यूँ ही मुस्कुराते रहें।

3 comments:

Udan Tashtari said...

नोट करके रख लिए रेडीमेड संदेश..काम आयेंगे// आभार!

विनय said...

बहुत ख़ूबसूरत ख़्याल हैं।

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चाँद, बादल और शामगुलाबी कोंपलें

नीरज गोस्वामी said...

अच्छे ख्याल हैं...और इन अवसरों पर कहे गए पिटे पिटाए शब्दों की जगह इस्तेमाल कर ताजगी का एहसास भी दे सकते हैं...
नीरज