Tuesday, May 19, 2009

अबूझ पहेली----------बूझो तो जानूं

आज मैं कुछ लिखना चाहती हूँ , पर हाथ नहीं चल रहे,
आज मै कुछ दूर चलना चाह्ती हूँ पर , पाँव नहीं उठ रहे ,
आज मैं कुछ कहना चाह्ती हूँ पर ,होंठ नहीं खुल रहे ,
थक चुकी हूँ कहते -सुनते---" जो होता है अच्छे के लिए होता है ",
पर--- वो होता ही क्यों है ? , जो अच्छा नहीं होता ! ,------

कोई लिखता है , कोई पढता है , कोई खाता है , कोई पीता है ,
कोई आता है , कोई जाता है , कोई जीता है ,कोई मरता है ,
कोई हँसता है , कोई रोता है , कोई गाता है ,कोई बजाता है ,
कोई खोता है , कोई पाता है , कोई जागता है, कोई सोता है ,
कोई उठता है , कोई बैठता है, कोई कहता है , कोई सुनता है ,
कोई देखता है , कोई बोलता है , कोई समझता है , कोई बूझता है ,----
----------------??????
???????????????????????????
???????????????????????????????????
----उफ़फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ ,
अजीब पहेली है ये दिमाग को घुमा के रख दिया क्या आप बतायेंगे ???-----

" जो जीता है --- वो खाता है --- जो खाता है --- वो पीता है --- जो पीता है --- वो मरता है --- यानि कि जो जीता है --- वो मरता है --- अब जो मरता है --- वो जाता है --- जो जाता है --- वो आता है --- जो आता है --- वो पाता है --- जो पाता है --- वो खोता है --- जो खोता है --- वो रोता है --- यानि कि जो मरता है --- वो रोता है --- अब जो रोता है --- वो हँसता है --- जो हँसता है --- वो गाता है --- जो गाता है --- वो बजाता है --- जो बजाता है --- वो सुनता है --- जो सुनता है --- वो बोलता है --- यानि कि जो रोता है --- वो बोलता है ---- अब जो बोलता है --- वो खोलता है --- जो खोलता है--- वो ढोलता है --- जो ढोलता है --- वो रखता है --- यानि कि जो बोलता है --- वों रखता है --- जो रखता है --- वो देता है --- जो देता है --- वो लेता है --- जो लेता है --- वो बाँटता है --- जो बाँटता है --- वो पाता है--- यानि कि जो रखता है --- वो पाता है --- जो पाता है --- वो दिखता है --- जो देखता है --- वो लिखता है --- जो लिखता है --- वो फ़ंसता है --- जो फ़ंसता है --- वो देता है --- यानि कि जो पाता है वो देता है --- अब जो देता है --- वो बचता है --- जो बचता है --- वो बोलता है --- जो बोलता है --- वो छपता है --- जो छपता है --- वो छन जाता है --- जो छन जाता है --- वो दिखता है --- जो दिखता है --- वो बदल जाता है --- यानि कि जो बचता है --- वो बदल जाता है --- अब जो बदल जाता है --- वो संभल जाता है --- जो संभल जाता है --- वो चलता है --- जो चलता है --- वो थकता है --- जो थकता है --- वो रुकता है --- जो रुकता है --- वो झुकता है --- जो झुकता है --- वो मानता है --- जो मानता है --- वो जानता है --- जो जानता है --- वो ज्ञाता है --- जो
ज्ञाता है --- वो त्राता है --- यानि कि जो बदल जाता है --- वो त्राता है --- अब जो त्राता है --- वो माता है --- जो माता है --- तो भ्राता है--------------शायद इसीलिए --- ऐसे ही ये सब होता रहता है !!!!!!!!!!!!!!!!!!! --- ---------- जो---------------!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!


5 comments:

RAJNISH PARIHAR said...

फिलहाल तो दिमाग घूम गया है..फिर बताऊंगा ...

vatsal said...

mummy ghar se mera nut bolt mile to batana...yeh post padh kar mere saare pech dheele ho gaye hain

अविनाश वाचस्पति said...

इस पहेली में तो कुछ भी नहीं
इसका सार या परिणाम है सिर्फ इतना
धरा है गोल
सब वापिस घूम घूम कर मिलते हैं
सबके दिन यहीं रातों में बदलते हैं
और रातें बदलती हैं दिनों में
दिन महीनों और महीने सालों में
त्‍वचा बदलती है गालों में
और गाल मुंहासों में
नाकहांसों में क्‍यों नहीं
दांतहांसों में क्‍या नहीं
क्‍योंकि जैसे पृथ्‍वी गोल है
आपका ज्ञान भी अनमोल है

Archana said...

@रजनिश जी आईयेगा जरूर ।(जब दिमाग सही जगह पर आ गया जाए }!!! हा हा हा !!!

Archana said...

@ वत्सल बेटा,
रोज एक मिलता है,अब तक जाने कितने गिरा दिये,यहाँ के तो मै सम्भाल कर रखती हूं ,वहाँ के गुमा मत देना----हा हा हा!!!