Saturday, July 10, 2010

संगठन मे शक्ति-----------------एक कहानी ----------(सबके लिए )..............................मेरी आवाज में ....................

आज एक कहानी----------------------------------- सुनिए और समझिए ----------------------------------जो मैने हिन्दी की पाठ्य पुस्तक से पढी.....लेखक ---डॉ, रनवीर सक्सेना ------



5 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

इस कथा को आपके स्वर में सुनना अच्छा लगा!

M VERMA said...

कथा सुन्दर .. सुनाने का अन्दाज सुन्दर

संजय कुमार चौरसिया said...

kahani aur aavaj dono hi sundar

संजय भास्कर said...

interesting.........

दीपक बाबा said...

सुंदर कहानी........ सुंदर आवाज़
और बहुत ही मनमोहक अंदाज़ में प्रस्तुति...
आभार.