Saturday, June 23, 2012

हवाओं में गुम खुशबू...


जो बात एहसास में है वो पाने में नहीं..........संजय अनेजा जी की एक पोस्ट...

काश कभी य़ूँ भी हो...


9 comments:

सदा said...

अनुपम भाव लिए उत्‍कृष्‍ट प्रस्‍तुति .. आभार

Ramakant Singh said...

खुबसूरत आवाज़ के साथ आगाज़ और सुन्दर स्वर लहरी ....

संजय @ मो सम कौन ? said...

बहुत बहुत आभार आपका|

दिगम्बर नासवा said...

वाह ... क्या बात है ...

प्रवीण पाण्डेय said...

सच कहा है आपने, संजयजी की हर पोस्ट अपनी सी लगती है..

Avinash Chandra said...

बढ़िया लगा इसे आपकी आवाज में सुनना

दीपक बाबा said...

अति सुंदर....

पोस्ट के बाद का गीत भी प्रभावी है.

Kumar Radharaman said...

हर आदमी अपने भीतर एक मुक़म्मल दुनिया समेटे रहता है. वह दुनिया उसकी अपनी होती भी है,नहीं भी.

K K Mishra said...

very nice and calm voice ...heavenly