Friday, July 6, 2012

गंभीरता से न लें...


कौन नहीं जानता इन्हें ? --- ये हैं चिम्पू और मिन्नी के रचयिता काजल कुमार जी ।



ये सिर्फ़ कार्टून ही नहीं बनाते,कहानियाँ भी लिखते हैं सुनिये इनकी लिखी लघुकथाएँ ---





7 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

रोचक लघु कथायें..

dil se said...

सारी कहानियां , अर्चना जी की आवाज़ और काजल साहब का अंदाज़
कुल मिला कर हसीन कोम्बिनेशन !
खासकर "औरत और औरत " अपने कथ्यशिल्प, कथावस्तु और प्रस्तुतिकरण तीनों में बेजोड़ जान पडी.
शुक्रिया! काजल जी और और अर्चना जी!!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

धन्‍यवाद अर्चना जी :)

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

काजल कुमार जी को मई एक कार्टूनिस्ट के तौर पर ही जानता था, जब एक दिन उनका कहानियों वाला ब्लॉग देखा तो आनंद आ गया. बहुत अच्छी कहानियां लिखते हैं. बहुमुखी व्यक्तित्व के धनि को मेरा सेल्यूट.. और पॉडकास्ट के लिए आपका आभार

अनूप शुक्ल said...

बहुत अच्छा लगा आपकी आवाज में काजल जी की लघु कथायें सुनना! इसी बहाने उनके कार्टून भी देख लिये। धन्यवाद!

संजय @ मो सम कौन ? said...

मल्टी टैलिन्टिड व्यक्तित्व के स्वामी हैं काजल भाई। इस पोड्कास्ट को 'one more feather to crown'(for both of you) कह सकते हैं।

Ramakant Singh said...

काजल कुमार जी की कहानियों या लघु कथाओं को सुनकर अच्छा लगा .
दूसरी कथा में सिगरेट वाली के सोचने के दृष्टिकोण में अंतर था
या कहूँ लघु विचार .