Monday, July 9, 2012

याद- पुरानी यादों की गठरी से ...

राकेश खंडेलवाल जी का गीत-- फ़ूलों की पाखुर से .........उनके ब्लॉग "गीतकार की कलम" से

7 comments:

Ramakant Singh said...

आपने राकेश खंडेलवाल जी के फूलों के पांखुर से को बड़े ही मनोयोग से खूबसूरती से गाया ,
सुन्दर शब्दों का संयोजन और भाव .

Rajesh Kumari said...

आपकी इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार १०/७/१२ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी आप सादर आमंत्रित हैं |

Mukesh Kumar Sinha said...

kal sure sununga:)

Udan Tashtari said...

सुन्दर प्रयास...

देवेन्द्र पाण्डेय said...

सुंदर चयन।

आशा जोगळेकर said...

जितनी सुंदर कविता उतनी ही सुंदर प्रस्तुति ।

Anupama Tripathi said...

बहुत सुंदर आवाज़ ....और भावपूर्ण भी ....
दिल को छूती हुई ....