Wednesday, October 10, 2012

सूरज ज़रा आ पास आ..



 सूरज ज़रा आ पास आ ...

9 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, सूर्य प्रकाश पकड़ा जा रहा है।

Rakesh Kumar said...

इंसान चाहे तो क्या नही कर सकता.
सुन्दर गीत सुनवाया आपने.
आभार,अर्चना जी.

Ramakant Singh said...

दो आँखें बारह हाथ, मिस्टर इंडिया, और शम्मीकपूर अभिनीत गीत में जैसे मन्ना दा ने सपनों की रोटी पकाई है मन को छूती है .बहुत ही खुबसूरत चित्र आपने भी सूरज को अँगुलियों में छू नहीं लिया समेट लिया .

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

सूरज हुआ मद्धम!!

देवेन्द्र पाण्डेय said...

तस्वीरें सुंदर हैं। फोटोग्राफर कौन?

"अनंत" अरुन शर्मा said...

बेहद सुन्दर दृश्य है

Dr Varsha Singh said...

बहुत सुंदर .....

संजय भास्कर said...

bahut sunder tasvire hai

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सुंदर ...