Tuesday, January 14, 2014

व्यक्ति का व्यवहार -उसके जीवन का आधार

 ये हैं केवलराम जी  ....


केवलराम जी के लिए कई पॉडकास्ट बनाए है मगर अब तक मेरे ब्लॉग पर पोस्ट नहीं किए कभी ...क्यों ? इसका तो कोई जबाब नहीं है मेरे पास ....
 खुद का परिचय ये कुछ ऐसे देते हैं - 

 "क्या बताऊँ आपको अपने बारे में, जिंदगी में कुछ खास कहने के लिए नहीं है . बहुत सुहाना सफ़र रहा है आज तक जिंदगी का , पर कुछ खालीपन फिर भी महसूस होता रहा . दुनिया देखने ,सोचने और समझने में अलग है. क्या कुछ नहीं दिखाई देता हमें सुबह से शाम तक. कितना जोड़ पाते हैं हम खुद को उन स्थितियों और परिस्थितियों से, बस यही कुछ समझने और जानने की कोशिश रहती है कि हमेशा दुनिया में इंसान बन कर जी सकूँ .
जीवन अनिश्चितताओं और विरोधाभासों का संगम है , इसे समझना आवशयक है ...बस इसी समझ को पाने के प्रयास अनवरत जारी है ...! ब्लॉग से मेरा परिचय होना भी एक अजीब घटना है । (उसके बारे में फिर.....! ) लिखने का शौक तो बर्षों से रहा है.... ब्लॉग ने यह पूरा कर दिया. .ब्लॉग अपने आप में एक नशा है, जितना देखता, पढता, लिखता , सोचता और समझता हूँ , उतना ही इसमें डूबने का मन करता है ....!"
 अभी सुनिये एक पॉडकास्ट - अपनाने में हर्ज क्या है ? 


बाकि सारे पॉडकास्ट आप यहाँ सुन सकते हैं --
चलते-चलते

5 comments:

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन मकर संक्रांति की हार्दिक मंगलकामनाएँ - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

संजय भास्‍कर said...

बहुत बढ़िया..

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

बहुत ही सज्जन एवम सौम्य व्यक्ति हैं केवल राम जी! एक बार इनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है!! बहुत अच्छा चयन!!

संध्या शर्मा said...

सकारात्मक ऊर्जा से भरे सुन्दर, सौम्य व्यक्तित्व के मालिक हैं केवल रामजी... आपका स्वर उनके शब्दों को जीवंत कर रहा हैं। आप दोनों को हार्दिक बधाई एवं केवल राम जी को सुनहरे भविष्य की ढेरों शुभकामनाएं...

प्रवीण पाण्डेय said...

केवलरामजी को नियमित पढ़ता हूँ, अच्छा लगता है, सकारात्मकता से भरे शब्द।