Tuesday, January 23, 2018

कुछ प्रश्न जो किये गए मुझसे ,उनके उत्तर मेरे

प्र. 1) आपका ब्लॉगिंग के प्रति रूझान कैसे पैदा हुआ, पहली बार आपने ब्लॉगिंग कब की? 

उत्तर – जब मेरे बच्चे बड़े होकर इंदौर से बाहर पढ़ने चले गए तो स्कूल से आकार बहुत खालीपन लगता था , समय बहुत होता था ।टी. वी. देखने में रूची नहीं रहीं ,नेट नया-नया था जीमेल पर चेट करना सीखा था ,छुट्टियों में जब बच्चे घर आते तो कहती कि –इतनी सारी बातें रहती है तुम लोगों को बताने की मगर तुम्हारी छुट्टियाँ ही खतम हो जाती है,समय ही नहीं बचता सामान्य कामों के बीच ,मेरे छोटी बहन रचना बजाज तब लिखती थी,उसने तो 2006 में ही बना लिया था, और उसका ब्लॉग हम पढ़ते थे ... मैं भी कुछ लिखने कि कोशिश करने लगी थी कॉपी में .....बेटे ने तब खुद का चित्रों वाला ब्लॉग बना लिया था कहा- आपका भी एक ब्लॉग बना देता हूँ ,आप जो भी लिखना हो उस पर लिख दिया करो, और बस ये ब्लॉग बन गया –मेरे मन  की । 2008 में ...

प्र. 2) भाषा, अभिव्यक्ति व प्रतिक्रियाओं की दृष्टि से ब्लॉगिंग करने का आपका प्रथम अनुभव कैसा रहा? 

उत्तर – भाषा बोलचाल की है तो लिखने में कोई परेशानी नहीं थी।जो मन में आता है वही लिखना था, तो बहुत अच्छा और आसान लगा ,प्रतिक्रियाएँ भी प्रोत्साहित ही करती थी ... बढ़िया अब तक

प्र. 3) आपको पहली बार ब्लॉग पोस्ट पर हिंदी टाइप करने में किस प्रकार की समस्या आई और उस समस्या का समाधान आपको कहाँ से मिला? 

उत्तर- जैसा कि बताया मेरे छोटी बहन लिखती थी तो उसने बता दिया था बारहा के बारे में ।तभी से उसका ही प्रयोग करती हूं , कोई समस्या नहीं रही ...अब तो गूगल हिन्दी इनपुट भी आसान है ...

प्र. 4) ब्लॉगिंग में ऐसी क्या खास बात है, जो आप इसे अभिव्यक्ति के अन्य माध्यमों से बेहतर मानते हैं?

उत्तर- कोई समय की पाबंदी नहीं , लेखन सीमा की पाबंदी नहीं ,जब मन हो,जैसा मन हो खुद को व्यक्त कर सकते हैं ....मन की बात ड्राफ्ट के रूप में सहेज सकते हैं,श्युडूल कर सकते हैं,लेबल कर सकते हैं , टेक्स्ट,फोटो ,वीडियो,audio कुछ भी तरीके से खुद को व्यक्त कर सकते हैं , हालांकि अब भी एमपी3 सीधे अपलोड की सुविधा नहीं है ...और फेसबुक से पहले ब्लॉग बनाया तो वही अब भी बढ़िया है |

प्र. 5) आप किस प्रकार के ब्लॉग लिखते है। आपके ब्लॉग के विषय व सामग्री के बारे में कुछ बताए?

उत्तर- मैं जो मन में आता है वही अपने ब्लॉग पर पोस्ट कर देती हूं ,चाहे संस्मरण हो,चाहे,दो लाईन .कहानी,या कविता ...मेरा ब्लॉग विषय आधारित नहीं है , सब विधाओं कि अभिव्यक्ति है, बहुत प्रयोग किए .....मैंने पॉडकास्ट पोस्ट किए जो बहुत पसंद किए गए ..... बाकी आप देख सकते हैं- “मेरे मन  की ”पर 

प्र. 6) आपके पसंदीदा प्रमुख ब्लॉग कौन-कौन से और क्यों है?

उत्तर- बहुत से ब्लॉग हैं जिन्हें पसंद करती हूं ,नाम गिनाए नहीं जा सकते ,कोई एक कभी भी हमेशा पसंद रहा ऐसा नहीं  ,जो मेरे रूची से मेल रखते हैं – गीत-संगीत ,कहानी,कविताओं ,औडियो ब्लॉग और विज्ञान की जानकारी वाले ब्लॉग पसंद हैं ...

प्र. 7) एक ब्लॉगर होने के नाते पाठकों की प्रतिक्रियाओं पर आपका उनसे संवाद किस तरह का होता है? 

उत्तर-मैंने बहुत पहले ही ब्लॉग बनाया है ,प्रतिक्रियाएँ पढ़कर संवाद हो ऐसी स्थिती आई नहीं ....लेकिन उनसे मेल या चेट के माध्यम से संवाद हुआ /होता है .....

प्र. 8) क्या आपको लगता है कि अश्लीलता, सांप्रदायिकता व फूहड़ता की भेंट चढ़ने से बचाने के लिए ब्लॉंग पर भी किसी प्रकार का नियंत्रण होना जरूरी है?  

उत्तर-ब्लॉग अभिव्यक्ति कि स्वतन्त्रता का एक सशक्त माध्यम है .... ये व्यक्ति को स्वनिर्णय लेना होता है कि वो सबके साथ किस तरह से व्यक्त हो रहा है .... अगर एक मंच हो जिसपर सारे ब्लॉग आपस में जुड़े हों तभी नज़र रखने व नियंत्रण रखने की बात आती है .... ब्लॉक करने जैसा ऑप्शन हो तो रोक लगाने में आसानी हो सकती है .... अगर बेहतर कल की कल्पना है तो होना चाहिए |

प्र. 9) हिंदी भाषा व साहित्य के विकास में ब्लॉग का क्या योगदान है?

उत्तर – बहुत आसानी से बहुत सा साहित्य उपलब्ध हो रहा है हिन्दी में , लोग आपस में जुड़ रहे हैं ।हिन्दी भाषा आधारित ब्लॉग भी बने हैं .... खासकर ऐसे ब्लॉग हैं जहां लेखकों का कृतित्व आसानी से पढ़ने को उपलब्ध है ....प्रसार तो हुआ है |

प्र. 10) क्या कारण है कि अधिकांश हिंदी ब्लॉग अधिकतम तीन या चार वर्षों में ही आए-गए हो जाते हैं? 

उत्तर –आए-गए से क्या मतलब है ? लेखन सामग्री तो वहीं हैं ,फिर भी एक ऐसा मंच हो जहां ब्लॉग पोस्ट के प्रकाशन कि सूचना तुरंत उपलब्ध हो तो शायद सबको ब्लॉग तक पहुँचने में आसानी हो ... जैसे ब्लॉगवाणी था …

प्र. 11) क्या पत्रकारिता की तरह ब्लॉगिंग में भी कॅरियर निर्माण की संभावनाएँ है। इस बारे में कुछ बताएं? 

उत्तर – जिस तरह  पत्रकारिता होने लगी है उसे देखकर तो तो कैरियर निर्माण जैसा कुछ लगता नहीं ..... हां ब्लॉगिंग में कैरियर निर्माण की संभावनाएं असीम है :-)

 प्र. 12 ) हिंदी के साथ-साथ आंचलिक भाषाओं के ब्लॉग का आप क्या भविष्य देखते हैं?

उत्तर – आंचलिक भाषा के ब्लॉग अपनी संकृति सहेजने का बेहतर माध्यम हैं .... आने वाले समय में बहुत जानकारी एकत्रित मिलेगी रोटी कमाने के लिए अपने अंचल से दूर जा बसे लोगों को अपनी पीढ़ियों को बताने को ,अपनी जड़ों से जुडने को ....

प्र. 13) हिंदी ब्लॉगिंग के भविष्य के बारे में आपका क्या कहना है? 

उत्तर – बहुत ब्लॉग बन रहे हैं , लोग लिखना सीख रहे हैं , खुद को व्यक्त कर पा रहे हैं ...घरेलू महिलाएं भी आगे आकर खुद को व्यक्त कर पा रही है , बेहतर ही है ...कल से बेहतर आज है ,आज से ज्यादा बेहतर आनेवाला कल होगा  

प्र. 14) आपकी राय में ब्लॉग की सबसे बड़ी खूबी व सबसे बड़ी खामी क्या है?

उत्तर – अपनी बात अपनी भाषा ,में कह पाना इसकी खूबी है , खामी ये कि सारे ब्लॉग के लिए एक ही मंच का न होना .... 

प्र. 15) हिंदी ब्लॉगों को प्रचारित करने व बेहतर बनाने के लिए आपके तीन प्रमुख सुझाव क्या है? 

उत्तर- 1-जो लोग लिख रहे हैं ,सतत लिखें, अपने ब्लॉग में पसंदीदा ब्लॉगरोल रखें, सबसे ज्यादा समाज के लिए उपयोगी लिखें तो लोग आपको पसंद करते ही हैं .....

2-मेरे ब्लॉग पोस्ट प्रकाशित होते ही फेसबुक पर औटोमेटिक लिंक पोस्ट होती है,.वैसे सारे ब्लॉग जुड़े हों कई सारी साइट्स से 

3- और बेहतर बनाने के लिए मुझे औडियो सीधे पोस्ट करने की सुविधा चाहिए ... 

प्र. 16) एक ब्लॉगर होने के नाते आप नवोदित और स्थापित ब्लॉगरों को क्या संदेश देना चा‍हते हैं?  

उत्तर – स्थापितों को तो यही की –आपसे ही नवोदित लिखना सीख रहे हैं ,तो ब्लॉग पर लिखना जारी रखें ,अनुभव साझा करें  और नयों को प्रोत्साहन दें .... और नवोदितों को ये कि लिखने से पहले बहुत सा पढ़ें ..... प्रतिक्रियाओं को हमेशा सम्मान दें और सही उत्तर.... भाषा सदैव सब उम्र के पठन योग्य रखें... और समाज को कुछ बेहतर बनाने के लिए ब्लॉग का उपयोग करें |

3 comments:

शिवम् मिश्रा said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, अमर शहीद पण्डित चन्द्रशेखर 'आजाद' जी की ७९ वीं पुण्यतिथि “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Onkar said...

बहुत बढ़िया उत्तर

Vishaal Jadhav said...

आपने बहुत अच्छा तरहसे जवाब दिये है एकदम समर्पक!!
आप टीचरही रहीं होंगी...ऐसा मुझे आपकी भाषाशैली से लगता है....