न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे---,न ही किसी कविता के---,और न किसी कहानी या लेख को मै जानती---,बस जब भी और जो भी दिल मे आता है---,लिख देती हूँ "मेरे मन की"-----
बस अभी अभी कविता पढ़कर ही आ रहे हैं।
" jay maata di "
...मेरा साउंड कार्ड काम नहीं कर रहा :(
Bahut Bahut Sunder....
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4 comments:
बस अभी अभी कविता पढ़कर ही आ रहे हैं।
" jay maata di "
...मेरा साउंड कार्ड काम नहीं कर रहा :(
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