Sunday, April 10, 2011

नवरात्रि पर्व २ - सुकॄता पॉल की कविता

नवरात्रि पर्व के द्वितीय दिवस पर "शरद कोकास" नामक ब्लॉग  पर प्रकाशित कविता----
अनुवादक- सिद्धेश्वर सिंह जी

4 comments:

sidheshwer said...

सुंदर वाचन!
अच्छी प्रस्तुति।
आभार!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

अनुवाद का बहुत अच्छा वाचन किया है आपने।

प्रवीण पाण्डेय said...

सुनने में और भी अच्छा लगा।

GirishMukul said...

आपने समय के अनुरूप कार्य किया
सेल्यूट करता हूं