Monday, June 22, 2009

अथ: सर्किट--भाई संवाद !!!!

----ऐ भाई !!!, अपुन को एक बात बोलने का है ---
----क्या???? किसी का माल उठाया है ,या किसी को टपका के आया है ---
----नई भाई !!!, आज तो बहुत अच्छा वाला बात बोलने का है ---
----चल-चल जल्दी बोल--- भेजा क्यूँ खा रहेला है ---
----ऐ भाई आज अपुन ब्लोगिन्ग की दुनिया मे गया था ,-----
----ऐ !!!ये कौनसी दुनिया है रे सर्किट???----
----कोई ऐसी-वैसी दुनिया नही है भाई ,एक बार चले जाओ तो वापस आने का मन ही नही करेगा ,
----ऐसा क्या???,तो बोल-बोल ,फ़टाफ़ट अपना मुँह खोल---
----अरे भाई बताउंगा,पहले बताओ आपका मूड कैसा है ???
---- ऐ बोल नई तो ---दूंगा खींच के-----
----वो भाई ,अपुन तो आपका मूड फ़्रेश कर रयेला था !!!,
----चल बता --- कहाँ से गया तू----
----अरे !!!! कहीं से जाना नही पडता है ,बस एक नेट का काम है ।----
----ऐसा क्या ,
हाँ भाई---, एक अपुन का आपसे बडा वाला "उस्ताद"है भाई----
----ऐ!!! क्या बोला ????,
----सॊरी भाई मुंह से निकल गया----
----चल आगे बोल---
----वो एक दिन अपुन के इधर आया था----हाँ तो ऐसा है ना भाई वो काम-धंधा वास्ते इधर-उधर जाना पडताहै तो अपुन का संपर्क उससे कम होने लगा था, ---
---= अच्छा !!!!फ़िर????,
----भाई हमार ऐसा रिलेशन है कि ---एक -दुसरे को छोड नही सकता भाई!!!----
----ऐ !!!! फ़टाफ़ट निकाल !!!! चल आगे बोल !!!!
----भाई ,बातों -बातों में अपुन उसको बोला था कि ,अपुन को उसका याद आता रहता है !!!बहुत मिलने कोमन करता है !!!तो-तो भाई उसने एक आईडिया दिया----
----अबे सर्किट को आईडिया ?????---बढिया !!!!---आगे बोल -----
----भाई वो बोला--- एक बॊस है उसका----,उसको बोलेगा तो एक नेट का कनेक्शन ले के देगा -----नेट लेनेका और उसपे "ब्लॉगर.कॉम" लिखने का----
---फ़िर ?????---
----फ़िर मस्त लेटर आयेगा ---उसमे अपना नाम , पता भरके ब्लॉग बना लेने का----
----आगे ????
----आगे क्या भाई वो अपुन को बनाके दिया ,---और भाई नाराज मत होना !!!!आज बता रिया हूँ-----
----अबे बक ना !!!
----ये बात को ६ महीना हो गयेला है ,----
----इत्ता !!!टाईम!!!!?????
----वो भाई आपसे डर लगता था ना , और आगे कुछ करना भी नहीं आता है , अभी थोडे दिन पहले अपुन कीसिस(बहन) के साथ एक गाना रेकोर्ड तो कर लिया पर उसको किसी को सुनाने के लिये पोड्कास्ट करना पडताहै वो अपुन को माथा फ़ोडने के बाद भी नही आया भाई-----तो भाई आप किसी उस्ताद को अगर जानते हों तो
-------


7 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत सटीक!!

श्यामल सुमन said...

अंदाजे बयां और सही निशाना पसन्द आया।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

नीरज गोस्वामी said...

क्या रे सर्किट...खाली पीली बोम मारता है रे अपुन के ब्लॉग पे आने का और मख्खन की तरह प्रॉब्लम पिघलाने का...क्या?
नीरज

Archana said...

@ समीर जी,व श्यामल सुमन जी आभार!!!
@ नीरज जी ,अपुन आपके ब्लोग पर होकर आया हूँ !!!!खाली पीली बोम नी मार रयेला था जब उसका टैम आया तब्बीच मारा!!!

अनूप शुक्ल said...

सुन्दर! अब्बी तक उस्ताद नहीं मिला गाना सटाने वाला!

vatsal said...

maan gaye ustaad

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

तू अपुन की छोटी बेन है, इस करके अपुन इधर को आया... नईं तो तेरे को मालूम अपुन खिस्केली खोपड़ी वाले हैं... ये सब लफड़ा छे मइने से चल रेला था और अपुन को आज बताने का टेम मिला तेरे कू!!
इसके पेले कि अपुन का भेजा सटक जाए, चल चल पतली गली से निकल ले!!