Saturday, June 19, 2010

कल ................प्रीती..........................और आज ..........................सलमा.........

कुछ लिखना ठीक नही ...............गलत समझ सकते है सब .........................मै तो अपने ...................खैर !! सुन ही लिजिये ...........

5 comments:

गिरीश बिल्लोरे said...

वाह आज़ और कल में एक दम अन्तर

गिरीश बिल्लोरे said...

बहुत सुन्दर है जी

राज भाटिय़ा said...

वाह वाह जी कमाल है

संजय भास्कर said...

बहुत सुन्दर है जी शुभकामनाएं !

दिगम्बर नासवा said...

वाह कमाल है ....