Friday, August 10, 2012

दो अद्भुत व्यक्तित्व......राम-कृष्ण



 दो अद्भुत व्यक्तित्वों के बारे में दो अद्भुत पोस्ट
1- संजय अनेजा जी की "युगपुरूष"
2- रमाकांत सिंह जी की "राम-कॄष्ण"

13 comments:

संजय भास्कर said...

जन्माष्टमी की बहुत-बहुत शुभकामनाये..!!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!!

Ramakant Singh said...

इस अवसर पर एक बात कहना चाहूँगा मेरे पिता श्री ने कहा था बेटा अच्छे लोगो की संगत में रहोगे तो उनके पुन्य का लाभ तुम्हे भी मिल सकता है . बात आज समझ में आई संजय अनेजा जी और आपकी संगत में रहकर हम भी कहीं नज़र आ गए . इस थोड़े समय में तुम्हारे जैसी बहन पाकर मै धन्य हो गया
जन्माष्टमी के अवसर पर यह उपहार मै जीवन भर याद रखूँगा . मेरे जीवन में कुछ सुखद छनों में से एक ....कोई बधाई नहीं न ही आभार .आशीर्वाद चिरायु भव.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

राम के बचपन के चि‍त्र क्‍यों इतने चलि‍त नहीं

Arvind Mishra said...

मनमोहक प्रस्तुति मनमोहन सरीखी !

Ramakant Singh said...

आदरणीय काजल कुमार जी सर्वप्रथम आपका ह्रदय से आभारी . चूँकि यह चित्र मेरे द्वारा चुनी गई है सो उसका उत्तर यह है की श्री रामचंद्र जी मर्यादा पुरुषोत्तम १२ कलाओं से युक्त रहे जिसके कारन उनके व्यक्तित्व में यह स्वयमेव झलक जाता है मैं तो आपके पारखी नज़र को प्रणाम करता हूँ जिन्होंने यह अंतर भी परख लिया चरण स्पर्श स्वीकारें और श्री कृष्ण जी १६ कलाओं से युक्त नटनागर हैं जिसके चंचंलता का आपने खुद दृश्य अंकित कर दिया है ..फिर से आपके पारखी दृष्टि को नमन

देवेन्द्र पाण्डेय said...

पढ़ा तो था आनंद आया सुनकर।..आभार।

वन्दना said...

दोनो ही रचनायें आनन्ददायी

Shanti Garg said...

बहुत ही बेहतरीन और प्रभावपूर्ण रचना....
मेरे ब्लॉग

जीवन विचार
पर आपका हार्दिक स्वागत है।

Rahul Singh said...

संजय जी, रमाकांत जी (पोस्‍ट और कविता को मानों नया अर्थ मिल गया) और आपकी जबरदस्‍त तिकड़ी.

प्रवीण पाण्डेय said...

न जाने कितना कुछ सीखने को मिलता है..

अनूप शुक्ल said...

बहुत अच्छा पॉडकास्ट किया है आपने! बहुत अच्छा लगा इसे सुनकर!

Shanti Garg said...

बहुत ही बेहतरीन और प्रभावपूर्ण रचना....
मेरे ब्लॉग

जीवन विचार
पर आपका हार्दिक स्वागत है।