Saturday, August 4, 2012

ये धरती, ये नदिया, मेरे पापा और तुम....


                                                                        माँ के साथ हम पाँच     


                                                                           माँ के साथ हम सब




इस रचना को लिखा और गाया देवेन्द्र ने है, जो सबसे आगे बैठा है ..... :-)




बड़े अच्छे लगते हैं...
ये धरती, ये नदिया ,
मेरे पापा और तुम........ बड़े अच्छे लगते हैं...

माँ की बातें, माँ की रातें, याद रहेगी हमको,
मन की बातें, माँ ही जाने, आँच लगे जब हमको,
बड़े अच्छे लगते हैं...
वो निंदिया, वो लोरी ,
वो गोदी और तुम...........बड़े अच्छे लगते हैं..

माँ बिन है ये,घर ही सूना,सूना-सुना जग है,
माँ हैं तो फ़िर, सारी खुशियाँ,माँ का आँचल सब है,
बड़े अच्छे लगते हैं...
वो ममता, वो आँचल,
वो सपने और तुम.............बड़े अच्छे लगते हैं...

माँ ही है जो हमको पाले,भूले अपने छाले,
कर बैठे हम, भूल कभी भी, माँ ही हमें संभाले,
बड़े अच्छे लगते हैं
वो चप्पी, वो पप्पी,
वो झप्पी, और तुम............बड़े अच्छे लगते हैं...

माँ की पूजा ही में शामिल,है जग की सब पूजा,
माँ ही मेरा, सब-कुछ है बस, और नहीं कोई दूजा
बड़े अच्छे लगते हैं...
वो भगवन, वो आँगन,
वो तुलसी... और.... और तुम ...बड़े अच्छे लगते हैं...

माँ तुझे मैं याद रख सकूँ, ऐसी शक्ती देना
भूला कभी जो तुझको तो मैं, माफ़ मुझे ना करना
बड़े अच्छे लगते हैं...
वो दादी, वो नानी, वो कहानी और तुम...

बड़े अच्छे लगते हैं.....

ये धरती, ये नदिया ,
मेरे पापा और तुम........ बड़े अच्छे लगते हैं...
-देवेन्द्र पाठक

12 comments:

Ramakant Singh said...

मां की लोरी, आँचल, गोदी, झप्पी, चप्पी . प्रेम का सुन्दर वर्णन . बहुत बहुत बधाई सुन्दर बोल लेखन और खुबसूरत दादी ,नानी की कहानी के लिए ...शुभ प्रभात जीवन के इन्द्रधनुषी रंगों के संग

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

लाजवाब! चित्र, शब्द और गायन, सभी "बड़े अच्छे" लगे। ऐसी हृदयस्पर्शी पोस्ट के लिये आप दोनों का आभार!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

निश्शब्द कट दिया.. बाँध लिया, शब्दों ने और सुरों ने!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुंदर

परमजीत सिहँ बाली said...

बहुत सुन्दर रचना ...

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, सबकुछ कितना सुन्दर।

सदा said...

भावनाओं का अनूठा संगम ...

काजल कुमार Kajal Kumar said...

ये नया रंग अच्‍छा लगा

expression said...

बहुत सुन्दर अर्चना जी.............
बहुत सुन्दर.

आपकी खुशियों में शरीक होने को जी चाहा..
सादर
अनु

India Darpan said...

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


इंडिया दर्पण
पर भी पधारेँ।

Sanju said...

Very nice post.....
Aabhar!
Mere blog pr padhare.

वाणी गीत said...

बड़े अच्छे लगते हैं ये गीत , तस्वीर , भाव , सुर !