Thursday, May 16, 2013

लहरें


प्रवीण पाण्डेय जी का नाम खुद अपने आप में परिचय है उनका ---
और उसी तरह उनके ब्लॉग का नाम- न दैन्यं न पलायनम भी ....
प्रस्तुत है उनकी एक रचना लहरें -

10 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर और मधुर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज बृहस्पतिवार (16-05-2013) के परिवारों को बचाने का एक प्रयास ( चर्चा मंच- 1246 ) मयंक का कोना पर भी है!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

डॉ. मोनिका शर्मा said...

यह रचना पढ़ चुके हैं आपकी आवाज़ में सुनकर और अच्छा लगा ...आभार

प्रवीण पाण्डेय said...

आपके स्वर में रचनायें और निखर कर आती हैं, बहुत आभार आपका।

Rajesh Kumari said...

रचना को मिले स्वर रचना को और उंचाई प्रदान कर रहे हैं अर्चना जी और प्रवीण जी दोनों को हार्दिक बधाई

Udan Tashtari said...

जबरदस्त!

Udan Tashtari said...

मगर गा कर सुनाओ

Vandana Tiwari said...

आपकी इस सार्थक प्रस्तुति को 'निर्झर टाइम्स' पर लिंक किया गया है।कृपया http://nirjhar-times.blogspot.com पर अवलोकन करें। आपकी प्रतिक्रिया सादर आमंत्रित है।

Anupama Tripathi said...

बहुत बढ़िया प्रस्तुति ...!!

Parul kanani said...

so nice :)

संजय अनेजा said...

सकारात्मक जीवन=दर्शन समेटे हैं प्रवीण जी अपनी लेखनी के माध्यम से।