Thursday, October 9, 2014

इक जरा इन्तजार



सब कुछ सत्य है !

मैंने देखा है मॄत्यु को
वो आई, पर
मुझे साथ न ले गई
वो फिर आयेगी,

जानती हूँ
और इस बार कोई बहाना
न कर पायेगी
इस बार तैयार हूँ मैं
उससे भी पहले से ....
-अर्चना

4 comments:

Ankur Jain said...

सुंदर प्रस्तुति।

Onkar said...

बहुत खूब

Sudhir Singh said...

karo na intajar kisi ke ane ka
jit lo sansar apane pas aie vichar se,
dhekhane ko jab bhi nikaloge kuch khas,
yeh phija hardam tumhe kuch khas nazar aaigi

अनूप शुक्ल said...

अरे कहीं नहीं जाना! यहीं पर ब्लॉगिंग करना है!