न गज़ल के बारे में कुछ पता है मुझे, न ही किसी कविता के, और न किसी कहानी या लेख को मै जानती, बस जब भी और जो भी दिल मे आता है, लिख देती हूँ "मेरे मन की"
Sunday, February 26, 2012
Friday, February 24, 2012
समारोह 4 - गॄहशान्ति और मंडप
दिनाक 18 जनवरी को हुई रस्मों के कुछ यादगार पल ----पल्लवी
वत्सल--
Tuesday, February 21, 2012
खैर! मैं तो ये बताने आया था कि --एक .......लगा दिया मैने...
दिल से जो निकला वही कहा इसने ..--
1-सुनने लायक तो नहीं है लेकिन डांट न पड़े इसलिए बताया ..
2-वो तो ऐसे ही कई दिन से आपकी आज्ञा पेंडिंग थी तो...
3-और उपर से अभिषेक (ओझा) जी ने बार-बार अल्टीमेटम दे दिया तो ...
4-और पुराना हेडफोन टूट गया तो नया हेडफोन लिया जिसमे माईक था तो...
5- खैर!! मैं तो ये बताने आया था कि बच्चे पर से कोप हटा लिजिए .....
विश्वास ही नहीं हो रहा ...............हा हा हा ............लेकिन मुझे विश्वास था कि- ये जरूर कर सकता है ,
और इसने कर दिखाया ....
भला कौन हो सकता है ?
देख आएं और सुन आएं तो बताना ...... कैसा किया ?.....
Sunday, February 19, 2012
Tuesday, February 14, 2012
छोटू उस्ताद
जी सही समझे आप ....आज मिलवा रही हूँ अपने छोटू उस्ताद से ..
अभी तो जस्ट शुरूआत है..देखिए आगे-आगे करते हैं क्या ----
नीले पुलोवर वाला लड़का
अभी तो जस्ट शुरूआत है..देखिए आगे-आगे करते हैं क्या ----
नीले पुलोवर वाला लड़का
पुराने नीले पुलोवर-वाला,
वह लड़का उछलता कूदता,
सड़क पर शोर मचाता,
भागा जाता था, खुशी के मारे|
मैंने उसे रोका और टोका,
"क्यों, क्या हुआ? इतने खुश क्यों हो?"
उसने एक पांच का सिक्का निकाला,
और बोला "मुझे ये सड़क पर मिला!"
ऊपर उठाया सिक्के को,
सूरज की रोशनी में वो झिलमिलाया|
"और तुम इसका क्या करोगे,
ओ, नीले-पुलोवर-वाले छोटू बाबू?"
"मैं...मैं खरीदूंगा, खरीदूंगा
अपनी बेल्ट की बकल!"
पतला लड़का वह, समझदार है...
बकल खरीदेगा...
और वह दौड़-भागा, हँसते खिलखिलाते,
सिक्का वह उसकी गर्म मुट्ठी में कसकर बंद...
जो मैंने खोया था कुछ वक़्त गए,
था ये सिक्का वही,
मगर बेहतर उस नीले-पुलोवर वाले
लड़के के पास ही!
(रस्किन बौंड की कविता 'अ बॉय इन अ ब्लू पुलोवर' का हिन्दी अनुवाद)
वह लड़का उछलता कूदता,
सड़क पर शोर मचाता,
भागा जाता था, खुशी के मारे|
मैंने उसे रोका और टोका,
"क्यों, क्या हुआ? इतने खुश क्यों हो?"
उसने एक पांच का सिक्का निकाला,
और बोला "मुझे ये सड़क पर मिला!"
ऊपर उठाया सिक्के को,
सूरज की रोशनी में वो झिलमिलाया|
"और तुम इसका क्या करोगे,
ओ, नीले-पुलोवर-वाले छोटू बाबू?"
"मैं...मैं खरीदूंगा, खरीदूंगा
अपनी बेल्ट की बकल!"
पतला लड़का वह, समझदार है...
बकल खरीदेगा...
और वह दौड़-भागा, हँसते खिलखिलाते,
सिक्का वह उसकी गर्म मुट्ठी में कसकर बंद...
जो मैंने खोया था कुछ वक़्त गए,
था ये सिक्का वही,
मगर बेहतर उस नीले-पुलोवर वाले
लड़के के पास ही!
(रस्किन बौंड की कविता 'अ बॉय इन अ ब्लू पुलोवर' का हिन्दी अनुवाद)
अनुवादक - अनुभव प्रिय
Thursday, February 9, 2012
समारोह 3-- गणेश पूजा और हल्दी..
गणेश पूजा और हल्दी की रस्म हुई 18 को....
इस गीत को सुनते हुए स्लाईड देखिये और आशीष दें आपका भी दोनों बच्चों को ....
पिछली पोस्ट में शिकायत मिली थी कि कुछ लोग स्लाईड नहीं देख पा रहे ....तो नया तरीका इस्तेमाल किया है भारतीय एक्सपर्ट का ....
Saturday, February 4, 2012
समारोह 2-- संगीत SSSS
शादी के समारोह में 17 जनवरी को हुआ संगीत......जिसमें ऐसा कोई न बचा जो झूमा न हो .
और अब आपकी बारी है ......शुरू किजिये गीत ......और झूमिए साथ-साथ.......
1-
2-
3-
4-
5-
रिश्तों का मधुर मिलन ---
विशेष नोट:- कनाडा चलाने मे व्यस्त समीर जी कि मदद से ये स्लाईड शो चल पाया ...थैंक्स......और भारत मे मदद की पदमसिंह जी ने (सुझाव भी इन्हीं का था -स्पेशल थैंक्स)..
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