Sunday, December 5, 2010

देखते ही देखते बदल जाते है-------

देखते ही देखते बदल जाते है-------
सड़क,शहर और लोग...
चीजें,जरूरते और भोग...
पैसा, ख्वाहिशे और अरमान...
घटना,गवाह और फ़रमान...
संबंध,नाते और रिश्ते...
इंसान,हैवान और फ़रिश्ते...

5 comments:

दिगम्बर नासवा said...

परिवर्तन संसार का नियम है .... बदलना तो नियति है ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

सही कहा!
दुनिया ही परिवर्तनशील है!

Sunil Kumar said...

बदलना तो नियति है ...

प्रवीण पाण्डेय said...

परिवर्तन नियम है, पर अतिपरिवर्तन व्युतक्रम है।

Kajal Kumar said...

वाह